03/06/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/06/2026 07:05
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बजट के बाद आयोजित तीसरे वेबिनार को संबोधित किया। इस वेबिनार का मुख्य विषय 'कृषि और ग्रामीण परिवर्तन' था। प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास से संबंधित पिछले सत्रों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट तैयार करने के दौरान हितधारकों ने बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया। श्री मोदी ने कहा कि अब बजट के बाद, यह उतना ही महत्वपूर्ण है कि देश अपनी पूरी क्षमता का लाभ उठाए और इस दिशा में आपके सुझाव और यह वेबिनार इसलिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार और देश के दीर्घकालिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। श्री मोदी ने 'पीएम किसान सम्मान निधि' और 'न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)' जैसे कई कार्यक्रमों पर बल दिया, जिनसे किसानों को डेढ़ गुना लाभ मिल रहा है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है।
मौजूदा योजनाओं की सफलता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई है और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के बीमा दावों का निपटारा किया गया है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है। श्री मोदी ने कहा कि इन अनेक प्रयासों से किसानों के जोखिम कम हुए हैं और उन्हें बुनियादी आर्थिक सुरक्षा मिली है।
खाद्यान्न और दालों के रिकॉर्ड उत्पादन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी की दूसरी तिमाही की शुरुआत के साथ ही इस क्षेत्र में नई ऊर्जा डालने का आह्वान किया। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इस दिशा में किए गए नए प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि वेबिनार की चर्चाओं से बजट प्रावधानों के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। श्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस वेबिनार में हुई चर्चा और उससे प्राप्त सुझाव जमीनी स्तर पर बजट प्रावधानों को यथाशीघ्र लागू करने में सहायक साबित होंगे।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक मांग में हो रहे बदलावों और भारतीय कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्पादकता और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए भारत की विविध जलवायु का पूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा कि इस वेबिनार में, हमारी कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाने पर अधिकतम चर्चा करना आवश्यक है।
उच्च मूल्य वाली कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कोको, काजू और चंदन जैसी फसलों के क्षेत्र-विशिष्ट संवर्धन के लिए बजट प्रस्तावों का विस्तृत विवरण दिया। श्री मोदी ने पूर्वोत्तर में अगरवुड और हिमालयी राज्यों में शीतोष्ण मेवों की फसलों को बढ़ावा देने के बजट प्रस्ताव पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात उन्मुख उत्पादन से प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के माध्यम से ग्रामीण रोजगार सृजित होगा। श्री मोदी ने कहा कि यदि हम सब मिलकर उच्च मूल्य वाली कृषि का विस्तार करें, तो यह कृषि को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में बदल देगा।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक ब्रांडिंग और गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों, उद्योग जगत और किसानों को शामिल करते हुए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के महत्व पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा कि इन सभी विषयों पर चर्चा से इस वेबिनार का महत्व और भी बढ़ जाएगा।
मत्स्य पालन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। श्री मोदी ने आगे बताया कि हमारे विभिन्न जलाशयों और तालाबों में वर्तमान में लगभग 4.5 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है, जबकि अतिरिक्त 20 लाख टन उत्पादन की अपार संभावना है। श्री मोदी ने कहा कि मत्स्य पालन, निर्यात वृद्धि का एक प्रमुख आधार बन सकता है।
प्रधानमंत्री ने समुद्री अर्थव्यवस्था की क्षमता को साकार करने के लिए हैचरी, चारा और लॉजिस्टिक्स में नए व्यावसायिक मॉडलों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत तालमेल को प्रोत्साहित किया। श्री मोदी ने कहा कि यह ग्रामीण समृद्धि के लिए एक उच्च मूल्य और उच्च प्रभाव वाला क्षेत्र बन सकता है और लोगों को इस पर मिलकर विचार-विमर्श करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और अंडा उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इसे और आगे ले जाने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रजनन, रोग निवारण और वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। श्री मोदी ने आगे कहा कि पशुधन का स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण विषय है और जब वह 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य' की बात करते हैं तो इसमें पशुधन का स्वास्थ्य भी शामिल है।
वैक्सीन उत्पादन के मामले में देश की आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत प्रौद्योगिकी के विस्तार और पशुपालन करने वाले किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि पशुओं को मुंहपका-खुरपका बीमारी से बचाने के लिए 125 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पशुपालन अवसंरचना विकास कोष भी शुरू किया गया है।
जोखिमों को कम करने के लिए, प्रधानमंत्री ने एकल फसल पर निर्भरता के बजाय फसल विविधीकरण की वकालत की। उन्होंने खाद्य तेल, दालों और प्राकृतिक खेती के लिए चलाए जा रहे अभियानों को इस क्षेत्र की मजबूती बढ़ाने के साधन के रूप में बताया। श्री मोदी ने कहा कि इसलिए, सरकार फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को याद दिलाया कि चूंकि कृषि राज्य का विषय है, इसलिए राज्यों को अपने बजटीय दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकतम प्रभाव के लिए जिला स्तर पर बजट प्रावधानों को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कृषि में "प्रौद्योगिकी संस्कृति" पर विस्तार से बात करते हुए ई-एनएएम और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास का जिक्र किया। उन्होंने किसान पहचान पत्र और डिजिटल भूमि सर्वेक्षण को क्रांतिकारी कदम बताया। श्री मोदी ने कहा कि सरकार कृषि में 'प्रौद्योगिकी संस्कृति' लाने पर विशेष जोर देती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्लेटफार्मों और डिजिटल सर्वेक्षणों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी तभी परिणाम देती है जब संस्थानों और उद्यमियों द्वारा इसे अपनाया जाता है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को पारंपरिक प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के तरीकों पर सुझाव आमंत्रित किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वेबिनार से प्राप्त सुझाव प्रौद्योगिकी को सही ढंग से एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना और पीएम ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण समृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर स्वयं सहायता समूहों के प्रभाव का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ग्रामीण समृद्धि के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
'लखपति दीदी' अभियान पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने 2029 तक 3 करोड़ और सफल महिला उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने इस लक्ष्य को और अधिक तेजी से हासिल करने के लिए सुझाव मांगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को और भी तेजी से हासिल करने के लिए लोगों के सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में, व्यापक भंडारण अभियान और कृषि-वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उद्यमियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि उन्हें विश्वास है कि आज की इन चर्चाओं से प्राप्त होने वाले सकारात्मक परिणाम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।
This year's Union Budget gives a strong push to agriculture and rural transformation. Addressing a post-budget webinar on expanding opportunities across the sector. https://t.co/LPbnWsEZ5C
- Narendra Modi (@narendramodi) March 6, 2026