10/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/05/2026 04:57
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी और सीईओ) के रूप में अनुप बागची की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह तीन वर्षीय कार्यकाल 27 अक्तूबर से प्रभावी होगा, जब वे निवर्तमान सीईओ शशिधर जगदीशन का स्थान लेंगे।
एचडीएफसी लिमिटेड के साथ रिवर्स मर्जर के बाद से सुस्त पड़ी लोन ग्रोथ, डिपॉजिट जुटाने में दबाव और शीर्ष नेतृत्व की अनिश्चितता के कारण बैंक का शेयर अपने 23 अक्तूबर 2025 के उच्चतम स्तर ₹1,020.50 से लगभग 29% तक गिर गया है। हालांकि, सोमवार को शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सकारात्मक शुरुआत देखी गई। नए एमडी और सीईओ के रूप में अनूप बागची की नियुक्ति और दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों के बीच शेयर करीब 1.5% से 2% तक की बढ़त के साथ 734.20 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गए थे। हालांकि, दोपहर तक बाजार के दबाव के बीच शुरुआती बढ़त खत्म हो गई और शेयरों गिरावट आ गई। दोपहर 12:10 पर एचडीएफसी बैंक के शेयर 701.60 रुपये के भाव पर कारोबार करते दिखे। ऐसे कठिन दौर में आईसीआईसीआई समूह के दिग्गज बैंकर अनुप बागची का आगमन बैंक के बिजनेस रीसेट और निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
रिजर्व बैंक की मंजूरी के साथ ही एचडीएफसी बैंक में लंबे समय से बना नेतृत्व का अनिश्चितता भरा माहौल खत्म हो गया है। नुवामा ने इस नियुक्ति को बैंक के लिए 'पॉजिटिव रीसेट' करार दिया है, वहीं मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि नेतृत्व में स्थिरता आने से निवेशकों की धारणा को मजबूती मिलेगी। अनुप बागची के पास रिटेल व होलसेल बैंकिंग, डिजिटल वित्तीय सेवाओं, कैपिटल मार्केट, वेल्थ मैनेजमेंट और इंश्योरेंस का तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। आईसीआईसीआई बैंक, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ में वरिष्ठ भूमिकाएं निभा चुके बागची को मोतीलाल ओसवाल ने एक 'ऑल-राउंड बैंकर' कहा है।
एचडीएफसी बैंक का रिटेल डिपॉजिट फ्रैंचाइज पिछले कुछ समय से दबाव में रहा है, जहां रिटेल एलसीआर डिपॉजिट ग्रोथ प्रतिस्पर्धी बैंकों से पीछे रह गई है। जेफरीज के अनुमान के मुताबिक, बैंक की रिटेल एलसीआर डिपॉजिट ग्रोथ 12% रही, जबकि आईसीआईसीआई बैंक की 15% और भारतीय स्टेट बैंक की 14% दर्ज की गई थी।
एचडीएफसी लिमिटेड के मर्जर से बैंक का मॉर्गेज और कस्टमर बेस तो बढ़ा, लेकिन विरासत में मिली महंगी देनदारियों के कारण मार्जिन पर असर पड़ा। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) करीब 3.26% रहा है।
अनुप बागची के सामने सबसे बड़ी चुनौती आईसीआईसीआई समूह की रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यसंस्कृति को एचडीएफसी बैंक के जोखिम अनुशासन और बड़े पैमाने के साथ मिलाना होगा। नुवामा ने सचेत किया है कि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान विभिन्न व्यवसायों और सहायक कंपनियों में प्रबंधन स्तर पर एट्रिशन (कर्मचारियों का छोड़ना) की संभावना बन सकती है। नए सीईओ को लीडरशिप बेंच का पुनर्गठन, गवर्नेंस को मजबूती, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का आधुनिकीकरण और फ्रंटलाइन कर्मचारियों में नई ऊर्जा भरनी होगी।
ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि शेयर में आई भारी गिरावट के बाद ज्यादातर नकारात्मक कारक कीमत में समाहित हो चुके हैं। विभिन्न ब्रोकरेज हाउसों ने शेयर के लिए सकारात्मक लक्ष्य तय किए हैं:
अनुप बागची को एक ऐसा बैंकिंग दिग्गज मिला है जिसके पास बड़ा स्केल, मजबूत फ्रैंचाइज और आकर्षक वैल्यूएशन मौजूद है। हालांकि, शेयर में टिकाऊ तेजी तभी देखने को मिलेगी जब बैंक डिपॉजिट ग्रोथ में तेजी, मार्जिन में निरंतर सुधार और मर्जर के तालमेल को बेहतर वित्तीय नतीजों में तब्दील करके दिखाए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में प्रस्तुत आंकड़े, ब्रोकरेज हाउसों (जैसे जेफरीज, मोतीलाल ओसवाल, नुवामा, एमके) के विश्लेषण, अनुमान और शेयर मूल्य लक्ष्य केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए हैं। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह, शेयर खरीदने या बेचने की सिफारिश अथवा निवेश संबंधी सुझाव नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी वित्तीय निर्णय या शेयर में निवेश करने से पहले अपने सेबी-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। इस प्लेटफॉर्म या लेखक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी वित्तीय लाभ या हानि के लिए प्लेटफॉर्म जिम्मेदार नहीं होगा।