09/02/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/01/2026 22:30
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लॉगिन करेंपश्चिम एशिया में अमेरिका ईरान की जंग, चार साल से अधिक समय से जारी रूस और यूक्रेन के संघर्ष समेत कई अन्य भू-राजनीतिक कारणों से वैश्विक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार ने इसे उत्साहवर्धक बताया है। इसी बीच नौकरी, टैक्स और यूपीआई से जुड़े कुछ आंकड़े सामने आए हैं, जिन्हें अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीद से भरा माना जा रहा है। रेटिंग फर्म जूलियस बेयर-ईवाई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अत्यधिक अमीर बढ़ रहे हैं। 25 करोड़ से अधिक की संपत्ति वाले अभी 19 हजार से ज्यादा हैं। 2031 तक 25 हजार से अधिक हो जाएंगे।
आईटी में नौकरियों की मांग 18 माह में सर्वाधिक
आईटी सेवा क्षेत्र में लंबे समय की सुस्ती के बाद सितंबर में नौकरियों की मांग 18 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। कुल मांग में करीब 60% हिस्सेदारी वरिष्ठ और मझौले पदों की है।
जीएसटी संग्रह 14.8% बढ़कर दो लाख करोड़
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का अगस्त में कुल संग्रह सालाना आधार पर 14.8% बढ़कर लगभग दो लाख करोड़ रुपये हो गया। सकल जीएसटी राजस्व 1,99,853 करोड़ रुपये रहा।
यूपीआई से 29.8 लाख करोड़ के हुए लेनदेन
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये अगस्त में 29.8 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जो रिकॉर्ड स्तर के करीब है। मई-जुलाई में रिकॉर्ड 29.9 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।
स्वदेशी पर जोर: पीएम मोदी बोले-विदेश यात्रा, सोना खरीदने से बचें
वैश्विक संकट में भी देश की विकास दर 7.8% रहने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई देते हुए देशवासियों को स्वदेशी का मंत्र दिया। पीएम ने लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी न करने की फिर अपील की। यह भी कहा, विदेश यात्रा अगर घूमने-फिरने के लिए कर रहे हैं, तो नहीं करनी चाहिए। अगर विदेश में शादी कर रहे हैं, तो ऐसा नहीं करना चाहिए। वेड इन इंडिया व वोकल फॉर लोकल का मंत्र अपनाएं। एससीओ सम्मेलन में बिश्केक पहुंचे मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में जीडीपी वृदि्धदर को देशवासियों की इच्छाशक्ति का नतीजा बताया।
कुछ लोग झूठी बातें दोहरा रहे
पीएम ने कहा, एक तरफ युद्ध की खबरें आ रही हैं। पूरी दुनिया संकटों से जूझ रही है। आपूर्ति शृंखलाएं बुरी तरह बाधित हैं। 2020 में कोविड से अब तक कहीं स्थिरता नहीं है। फिर भी भारत तेजी से बढ़ रहा। देश में कुछ लोग निराशावाद के गर्त में फंसे हैं, झूठी बातों को दोहरा रहे हैं, निराशा फैला रहे हैं। स्वदेशी व आत्मनिर्भरता से ही आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर युवाओं को विकसित भारत सौंपेंगे।