Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/05/2026 08:49

संचार साथी की 'चक्षु' सुविधा नागरिकों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कम्युनिकेशन की रिपोर्ट करने में सक्षम बनाती है

संचार मंत्रालय

संचार साथी की 'चक्षु' सुविधा नागरिकों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कम्युनिकेशन की रिपोर्ट करने में सक्षम बनाती है


39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं, 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और 1.31 लाख एसएमएस टेम्प्लेट ब्लैकलिस्ट कर दिए गए हैं

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) की स्थापना की है

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 3:44PM by PIB Delhi

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) की संचार साथी पहल वेब पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) और मोबाइल ऐप के माध्यम से सुलभ है। संचार साथी की 'चक्षु' सुविधा नागरिकों को विभिन्न श्रेणियों के तहत संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कम्युनिकेशन की रिपोर्ट करने में सक्षम बनाती है। इसके शुभारंभ के बाद से चक्षु सुविधा के माध्यम से रिपोर्ट किए गए संदिग्ध धोखाधड़ी कम्युनिकेशन का वर्ष-वार और श्रेणी-वार विवरण इस प्रकार है:

श्रेणी

2024

2025

2026

नकली कस्टमर केयर हेल्पलाइन

30969

60985

4519

आईवीआर / रोबो कॉल

16037

14925

1376

डीओटी / ट्राई के रूप में पहचान

217

15595

809

पुलिस, सीबीआई, कस्टम्स, आधार, आरबीआई आदि के रूप में पहचान

44865

54639

6675

किसी रिश्तेदार या मित्र के रूप में पहचान बताना (बहुरूपिया बन कर धोखाधड़ी)

258

19564

1201

निवेश, शेयर बाज़ार और ट्रेडिंग

165

29140

2112

बैंक / बिजली / गैस / बीमा आदि से संबंधित केवायसी और पेमेंट

21281

106483

8325

मिसलेनियस लिंक / वेबसाइट

8304

19418

2933

ऑनलाइन नौकरी / लॉटरी / उपहार / लोन के ऑफर

23634

58560

4591

सेक्स्टॉर्शन

10901

21189

1774

कोई अन्य संदिग्ध धोखाधड़ी

51593

119164

8540

कुल

208224

519662

42855

संचार साथी पहल सतर्क नागरिकों को उन संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कम्युनिकेशन की रिपोर्ट करने के लिए सशक्त बनाती है, जहाँ धोखाधड़ी का प्रयास तो किया गया था लेकिन वास्तव में धोखाधड़ी हुई नहीं थी। धोखाधड़ी के कारण वास्तविक वित्तीय नुकसान से जुड़े मामलों का निपटारा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा किया जाता है, जो गृह मंत्रालय (एमएचए) के तहत एक संगठन है और जिसे कार्य आवंटन नियमों के अनुसार साइबर अपराध को संभालने का अधिकार दिया गया है। रिपोर्ट किए गए व्यक्तिगत संदिग्ध धोखाधड़ी कम्युनिकेशन पर सीधे कार्रवाई करने के बजाय, दूरसंचार विभाग (डीओटी) दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग की पहचान करने के लिए क्राउड-सोर्स्ड डेटा (नागरिकों से प्राप्त जानकारी) का उपयोग और विश्लेषण करता है। कार्रवाई आम तौर पर मोबाइल उपयोगकर्ता को दोबारा वेरिफिकेशन का अवसर देने के बाद ही की जाती है। इस तरह के विश्लेषण के आधार पर की गई कार्रवाई का विवरण संचार साथी पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध है। नागरिकों द्वारा प्रदान किए गए 7.7 लाख इनपुट के आधार पर, 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं, 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए हैं और 1.31 लाख एसएमएस टेम्प्लेट ब्लैकलिस्ट किए गए हैं।

साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को और अधिक रोकने के लिए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने हितधारकों के बीच सूचनाओं के द्विपक्षीय आदान-प्रदान के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) स्थापित किया है। डीआईपी पर 1200 से अधिक संगठनों को जोड़ा गया है, जिनमें केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), 1100 बैंक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) सेवा प्रदाता, भुगतान प्रणाली ऑपरेटर (पीएसओ), दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी), व्हाट्सएप आदि शामिल हैं। डीआईपी पर काटे गए मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध रहती है, जिसे मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (एमएनआरएल) कहा जाता है, जिसमें नंबर बंद करने के कारण और तारीख शामिल होती है। साथ ही यहाँ वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) भी होता है, जो एक जोखिम-आधारित पैमाना है जो किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम के रूप में वर्गीकृत करता है। चक्षु पर नागरिकों द्वारा प्रदान किए गए संदिग्ध मोबाइल नंबरों को भी उचित विश्लेषण के बाद एफआरआई के हिस्से के रूप में साझा किया जाता है।

डीआईपी पर साझा की गई जानकारी के आधार पर, हितधारक अपने संबंधित क्षेत्र के खातों या प्रोफाइल के विश्लेषण के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू करते हैं। हितधारकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) के माध्यम से लेनदेन को रोकने और नागरिकों को अलर्ट/सूचनाएं भेजने के आधार पर ₹1000 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी राशि को रोका गया है। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप ने साझा किए गए मोबाइल नंबरों से जुड़े 28 लाख प्रोफाइल/खातों को बंद कर दिया है।

***********

पीके/केसी/डीवी


(रिलीज़ आईडी: 2224059) आगंतुक पटल : 5
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Gujarati
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on February 05, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on February 05, 2026 at 14:49 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]