02/19/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/20/2026 01:32
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 19 फरवरी 2026 को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री श्री डिक शूफ़ के साथ द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री श्री शूफ़ एआई इम्पैक्ट समिट में नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने समिट में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री श्री शूफ़ को धन्यवाद दिया और आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण के लिए एआई पर कार्य समूह के सह-अध्यक्ष के रूप में नीदरलैंड के योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री श्री शूफ़ ने समिट के महत्व पर जोर दिया और विश्वास व्यक्त किया कि समिट घोषणापत्र भविष्य की नीतिगत चर्चाओं को दिशा देगा। यह स्वीकार करते हुए कि एआई का उद्भव प्रौद्योगिकीय विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और समाज के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, दोनों नेताओं ने सामाजिक परिवर्तन अर्जित करने के लिए एआई की पूरी क्षमता का उपयोग करने हेतु भारत और नीदरलैंड के संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संदर्भ में दोनों नेताओं ने एआई, क्वांटम और सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकीयों में दोनों देशों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करते हुए भारत-नीदरलैंड साझेदारी में हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया और जल, कृषि, स्वास्थ्य (डब्ल्यूएएच), स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, रक्षा एवं सुरक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच परस्पर संबंध जैसे विभिन्न सेक्टरों में साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता के सफल समापन ने दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी की पूरी क्षमता प्राप्त करने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया है।
दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष पर भारत के रुख को दोहराते हुए इसके शीघ्र समापन की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक लड़ाई को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत-नीदरलैंड साझेदारी व्यापार और निवेश, जल, कृषि, स्वास्थ्य (डब्ल्यूएएच) सेक्टरों और लोगों के बीच परस्पर संबंधों जैसे पारंपरिक सेक्टरों में अत्यधिक सुदृढ़ हुई है और हाल ही में प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा एवं सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और सामुद्रिक क्षेत्र जैसे कार्यनीतिक क्षेत्रों तक विस्तारित हुई है।
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