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09/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/11/2026 16:03

'भारत से दुनिया में जाए शांति का संदेश': ईरानी राष्ट्रपति से भारतीय धर्मगुरुओं ने की मुलाकात; क्या-क्या कहा

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'भारत से दुनिया में जाए शांति का संदेश': ईरानी राष्ट्रपति से भारतीय धर्मगुरुओं ने की मुलाकात; क्या-क्या कहा?

Sat, 12 Sep 2026 01:53 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 12 Sep 2026 01:53 AM IST
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अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन हाजी सैयद सलमान चिश्ती - फोटो : एएनआई
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भारत के धर्मगुरुओं ने शुक्रवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अजमेर शरीफ दरगाह के गद्दीनशीन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 पर अपनी बात रखी।
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उन्होंने कहा कि आज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के सभी धर्मगुरू यहां मौजूद हैं। सदियों से कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक संदेश दिया जाता रहा है। वह है- सबके लिए प्यार और किसी से नफरत नहीं। भारत की धरती से यह बहुत अच्छा संदेश है। पूरी दुनिया यहां मौजूद है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है। दुनिया के नेता यहां आए हैं।
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उन्होंने आगे कहा, आज संदेश बिल्कुल साफ है। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। अगर अन्याय होगा, तो उसका जवाब दिया जाएगा। भारत हमेशा न्याय, करुणा, दया और एकता के मूल्यों पर कायम रहा है। पूरी दुनिया एक परिवार है। हम सभी को मिलकर हर इंसान की सेवा करनी चाहिए।
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आचार्य लोकेश मुनि ने पेजेशकियन को दिया न्योता
जैन आध्यात्मिक गुरु आचार्य लोकेश मुनि ने कहा, पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है। इस दौरान मैंने ईरान के राष्ट्रपति को न्योता दिया। मैंने प्रस्ताव रखा कि ईरान में पहली बार एक शांति सम्मेलन आयोजित किया जाए। धर्मगुरुओं के तौर पर हमारा मानना है कि युद्ध, हिंसा और आतंक किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। हर समस्या बातचीत, संवाद और शांति की कोशिश से हल की जा सकती है। इसी वजह से मैंने ईरान के राष्ट्रपति को न्योता दिया। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि उन्होंने इस न्योते को स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने कहा, बहुत जल्द हम एक मंच पर जुटेंगे। इसमें धर्मगुरुओं के साथ दुनियाभर में शांति चाहने वाली ताकतें भी शामिल होंगी। हम बातचीत और संवाद के जरिये दुनिया में शांति लाने की कोशिश करेंगे।

मीरवाइज उमर फारूक ने क्या कहा?
मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, आज यहां धर्मगुरु, कारोबारी प्रतिनिधि और विद्वान जुटे थे। इस बातचीत से एक बात बिल्कुल साफ हुई है। मौजूदा हालात में सबसे बड़ा संदेश शांति का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स की एक अहम बैठक भी चल रही है। इसमें दुनिया के बड़े नेता मौजूद हैं।

फारूक ने कहा कि शांति तभी कायम हो सकती है, जब न्याय हो। उन्होंने कहा कि ईरान में आज जो हो रहा है, वह बिल्कुल गलत है। खास तौर पर अमेरिका की ओर से ईरान पर थोपा गया युद्ध गलत है। फलस्तीन और लेबनान में भी हालात खराब हैं। इससे पूरी दुनिया में अराजक स्थिति बन रही है। इस स्थिति का समाधान जरूरी है।

ये भी पढ़ें: 'ईरान घुटने नहीं टेकता': मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका-इस्राइल पर साधा निशाना; भारत के साथ संबंधों पर क्या कहा?

मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने यहां एक अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर हमें शांति की दिशा में काम करना है, तो सबसे ज्यादा अहमियत इंसानियत को देनी होगी। आज का दौर बातचीत और कूटनीति का है। यह युद्ध का दौर नहीं है। उन्होंने कहा कि मानव मूल्यों में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को यह बात जोर देकर कहनी चाहिए। अब युद्ध खत्म करने का समय आ गया है। शांति और बातचीत को अपनाने का समय है। दुनिया के सामने जो गंभीर स्थिति पैदा हुई है, उसका समाधान निकालने का यही एक रास्ता है।

भारत और ईरान के संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए आवाज उठाना जरूरी है। ईरान हो या फलस्तीन, जहां भी ज्यादती और जुल्म हो रहा है, उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। अब कार्रवाई करने का समय आ गया है। दुनिया की सभी बड़ी ताकतों की ओर से एक मजबूत संदेश जाना चाहिए। युद्ध खत्म होना चाहिए। बातचीत और कूटनीति को मौका मिलना चाहिए। इससे बातचीत और समझौते की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
Amar Ujala Ltd published this content on September 12, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 11, 2026 at 22:04 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]