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09/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/17/2026 04:35

जोधपुर जेल की बैरक में कैसे पहुंचा मोबाइल?: हिस्ट्रीशीटरों की पूड़ी पार्टी का वीडियो वायरल, देखें वीडियो

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जोधपुर जेल की बैरक में कैसे पहुंचा मोबाइल?: हिस्ट्रीशीटरों की पूड़ी पार्टी का वीडियो वायरल, देखें वीडियो

Thu, 17 Sep 2026 02:01 PM IST
जोधपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: जोधपुर ब्यूरो Updated Thu, 17 Sep 2026 02:01 PM IST
सार

जोधपुर सेंट्रल जेल के वार्ड-7 की बैरक नंबर तीन में बंदियों की कढ़ी-पूड़ी पार्टी का करीब 40 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में हिस्ट्रीशीटर राहुल कच्छावा, वसीम आटिया समेत अन्य बंदी नजर आ रहे हैं और एक बंदी मोबाइल से रिकॉर्डिंग करता दिखाई दे रहा है।

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हिस्ट्रीशीटरों की पार्टी का वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जोधपुर सेंट्रल जेल के वार्ड-7 की बैरक नंबर तीन में बंदियों की कढ़ी-पूड़ी पार्टी का करीब 40 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई है। वीडियो में कुछ बंदी बैरक के अंदर पूड़ियां बेलते और कड़ाही में तलते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक बंदी मोबाइल से वीडियो बनाता नजर आ रहा है, जबकि आसपास चार से सात अन्य बंदी बैठकर बातचीत और हंसी-मजाक करते दिख रहे हैं। अत्यंत संवेदनशील और कड़े सुरक्षा चक्र वाले जेल परिसर में मोबाइल फोन पहुंचने और वहां की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया तक पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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बैरक में बेफिक्र नजर आए बंदी

वायरल वीडियो में माता का थान थाने का हिस्ट्रीशीटर राहुल कच्छावा पूड़ियां तलता दिखाई दे रहा है। उसके पीछे वसीम आटिया भी नजर आ रहा है। वीडियो में मोबिन, चेतन और अन्य बंदी भी दिखाई दे रहे हैं। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया बंदी इन्साफ भी वीडियो में शामिल है। वीडियो में एक तरफ बंदियों का समूह पूड़ी बेलने और तलने में लगा है, जबकि दूसरी ओर कुछ बंदी बैठे हुए हैं। बैरक के भीतर बंदियों की यह गतिविधि इस बात को लेकर सवाल खड़े करती है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन वहां तक कैसे पहुंचा और रिकॉर्डिंग किसने की।

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जेल प्रशासन ने वीडियो को बताया करीब सवा साल पुराना

जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत ने वायरल वीडियो को हाल का नहीं, बल्कि जुलाई 2025 के आसपास का बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे बंदियों में फिलहाल केवल वसीम जेल में बंद है, जबकि अन्य बंदी जेल से बाहर आ चुके हैं। बैरक में खाना बनाए जाने के संबंध में जेल अधीक्षक ने कहा कि उस समय वह जेल में कार्यरत नहीं थे। हालांकि, जेल में बैरक के अंदर खाना बनाने की अनुमति नहीं है। सभी बंदियों को एक साथ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मुख्यालय के निर्देश पर जेल प्रशासन अब वीडियो की पूरी जानकारी जुटा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल किस बंदी के पास था और जेल के अंदर रिकॉर्डिंग कैसे की गई।

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आठ महीने में 20 मोबाइल और 13 सिम बरामद

जोधपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। 5 सितंबर को एक बंदी के पास से एंड्रॉयड मोबाइल और सिम बरामद की गई थी। पिछले आठ महीनों में जेल प्रशासन 20 मोबाइल फोन और 13 सिम बरामद कर चुका है। इन मामलों में रातानाडा थाने में 11 एफआईआर दर्ज हुई हैं। जेल प्रशासन की एफआईआर में यह भी बताया गया है कि दिसंबर 2025 से जेल में 4जी और 5जी नेटवर्क को रोकने के लिए उच्च स्तर का टी-एचसीबीएस सिस्टम लगाया गया है। इसके बावजूद जेल परिसर में मोबाइल फोन के सक्रिय होने का मामला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

इफ्तार पार्टी के वीडियो के बाद हुई थी बड़ी कार्रवाई

जोधपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल के इस्तेमाल का मामला इससे पहले 13 मार्च को भी सामने आया था। जेल में हुई इफ्तार पार्टी के दौरान एक कैदी ने मोबाइल से फोटो खींचकर उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया था। इसके बाद जेल में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें सात एंड्रॉयड मोबाइल, चार कीपैड मोबाइल और 11 सिम बरामद हुई थीं। मामले के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत को एपीओ किया गया था।

राहुल कच्छावा पर दर्ज हैं 22 आपराधिक मामले

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा राहुल कच्छावा माता का थान थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जेल प्रशासन के अनुसार जून 2025 में माता का थान थाना पुलिस ने कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल पर स्कॉर्पियो चढ़ाकर जान से मारने के प्रयास और राजकार्य में बाधा के आरोप में राहुल कच्छावा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद राहुल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। राहुल करीब पांच-छह महीने पहले जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है। हाल ही में शहर में हुए एक गैंगवार में भी उसका नाम सामने आया था। उसके खिलाफ कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, वसीम आटिया पर जानलेवा हमले समेत कई मामले दर्ज हैं।

Amar Ujala Ltd published this content on September 17, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 17, 2026 at 10:36 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]