07/29/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/29/2026 02:02
मूंग की 100% खरीदी हो, MSP की कानूनी गारंटी मिले, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द की जाए और किसानों को दी गई मोदी की गारंटी पूरी की जाए। ये किसानों की पांच प्रमुख मांगें हैं। इन्हीं मांगों को लेकर किसानों ने 'किसान क्रांति पदयात्रा' का शंखनाद करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया है।
इस बीच किसानों का प्रदर्शन उग्र हो चुका है। जैसे ही 11 बजे के बाद किसानों की संख्या बढ़ने लगी। अन्य जिलों से किसान पहुंचने लगे तो किसानों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन तेज कर दिया है। बसों के ऊपर चढ़ गए हैं। पुलिस की बैरीकेट तोड़कर आगे बढ़ते हुए दिख रहे हैं। पुलिस पर किसानों का पलड़ा भारी होता हुआ दिख रहा है। वहीं किसान नेता शांति की अपील कर रहे हैं। समूह के समूह में बसों की छत के ऊपर चढ़कर किसान नारेबाजी कर रहे हैं।
वहीं, किसानों की बड़ी संख्या को देखते हुए भोपाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसानों के जत्थे को मंगलवार को होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु पर ही रोक दिया गया था। इसके बाद किसानों ने पूरी रात वहीं डेरा डाले रखा। बुधवार सुबह होते ही धरना स्थल पर किसानों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी।
किसान आंदोलन का असर स्कूलों पर भी दिखाई दिया। नर्मदापुरम रोड समेत प्रभावित क्षेत्रों के अधिकांश स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
रानी कमलापति के पास आरआर एल पर धरने पर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला
आज इन-इन जिलों से पहुंचे किसान
नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और सीहोर से बड़ी संख्या में किसान बुधवार को भोपाल पहुंचे। इसके बाद किसान संगठनों ने आंदोलन की आगे की रणनीति पर मंथन किया। किसानों ने आज भी मुख्यमंत्री आवास के घेराव का एलान किया है।
'हम आज हर हाल में सीएम हाउस पहुंचेंगे'
सीएम हाउस तक पहुंचने के लिए किसान लगातार रणनीति बना रहे हैं। कड़ी सुरक्षा और पुलिस की घेराबंदी के बीच किसान अलग-अलग रास्तों से मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं। किसान नेता गजेंद्र सिंह जाट ने कहा, "अगर सरकार हमें इस तरह रोकेगी, तो किसान भी मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने के नए तरीके तलाशेंगे। हम आज हर हाल में सीएम हाउस पहुंचेंगे। हमारी मांगें पूरी की जाएं, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"
हाथों में पोस्टर लिए हुए जेन जी आंदोलन में हुए शामिल। - फोटो : अमर उजाला
जेन-जी की भी हुई किसान आंदोलन में एंट्री
दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब भोपाल में चल रहे किसान आंदोलन में जेन-जी वर्ग के युवाओं ने भी भागीदारी की है। वे रचनात्मक तरीकों से आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल होकर तख्तियों और पोस्टरों पर नारे लिख रहे हैं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कैसे जेन जी हाथों में पोस्टर लिए हुए आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, बीत कुछ माह से जेन जी देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जीतू पटवारी। - फोटो : अमर उजाला
'मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है'
इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "कृषि मंत्री जी, डरो मत, किसानों की सुनवाई करो। किसानों की आवाज़ को राजनीति कहना सबसे आसान बहाना है, लेकिन उनकी पीड़ा सुनना मोहन सरकार की बुनियादी ज़िम्मेदारी है। यदि सब कुछ ठीक है, तो हजारों किसान परिवार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर भोपाल क्यों पहुंचे? मुख्यमंत्री बताएं कि किसान भड़काए गए हैं या मोहन सरकार ने उनकी हर गुहार को अनसुना कर दिया है? किसान शांतिपूर्वक अपनी बात कह रहे हैं, लेकिन अहंकार में डूबी सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। मैं स्पष्ट तौर पर फिर दोहराता हूं कि मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनकी हर मांग का समर्थन करती है।"
बस के ऊपर चढ़े किसानों को नीचे उतारने की कोशिश करती हुई पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
कृषि मंत्री कंसाना ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
मंगलवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से मुलाकात की। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें विस्तार से उनके समक्ष रखीं। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज़ मांगों को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मूंग खरीदी सहित किसानों से जुड़े सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा।
ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और खरीदी व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न आए। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने तथा संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। किसानों से चर्चा के बाद कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को फिर पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के लिए मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने का आग्रह किया है।