Amar Ujala Ltd

08/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/11/2026 01:07

'हम अकेले बोझ नहीं उठाएंगे': चीन के बढ़ते दबदबे का असर, क्या एशिया को भी बेसहारा छोड़ रहा अमेरिका

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'हम अकेले बोझ नहीं उठाएंगे': चीन के बढ़ते दबदबे का असर, क्या एशिया को भी बेसहारा छोड़ रहा अमेरिका?

Tue, 11 Aug 2026 08:57 AM IST
नितिन गौतम पीटीआई, मनीला
पीटीआई, मनीला Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 11 Aug 2026 08:57 AM IST
सार

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि एशिया के सहयोगी देशों को अब अपने रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। अमेरिकी अधिकारी के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं और कयास लग रहे हैं कि क्या अमेरिका यूरोप की तरह एशियाई सहयोगी देशों को भी अपने बेसहारा छोड़ने की कोशिश कर रहा है?

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पेंटागन के अधिकारी का अहम बयान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एशिया में अपने सहयोगी देशों से रक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश करने की अपील की है। उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ साझेदार के रूप में काम करना चाहता है न कि संरक्षित देशों के रूप में। अमेरिकी अधिकारी के इस बड़े बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यूरोप की तरह अब अमेरिका एशिया में भी अपनी मौजूदगी को सीमित करने पर विचार कर रहा है? गौरतलब बात ये है कि ये बयान ऐसे समय सामने आया है, जब चीन एशिया में अपना दबदबा लगातार बढ़ा रहा है और उसका कई एशियाई देशों के साथ समुद्री सीमा को लेकर विवाद चल रहा है।
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अमेरिकी अधिकारी ने फिलीपींस में की ये टिप्पणी
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन में अंडर सेक्रेटरी एल्ब्रिज कोल्बी ने फिलीपींस में एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की। कोल्बी इन दिनों दक्षिण-पूर्व एशिया के दौरे पर हैं और अपने पहले पड़ाव पर वह फिलीपींस पहुंचे हैं। इसके बाद वह इंडोनेशिया, थाईलैंड और कंबोडिया का दौरा करेंगे। कोल्बी ने यह भी दोहराया कि ईरान युद्ध और मध्य पूर्व में मौजूदा अमेरिकी व्यस्तताओं के बावजूद वाशिंगटन एशिया से पीछे नहीं हट रहा है।
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कोल्बी ने विदेशी राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों, कारोबारियों और पत्रकारों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में कहा, 'अमेरिका बेशक एशिया से पीछे नहीं हट रहा है और हमारे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित यहां हमारी स्थायी मौजूदगी की मांग करते हैं। हम जा नहीं रहे हैं; बल्कि हम यहां अपनी स्थिति और मजबूत कर रहे हैं, ताकि शक्ति संतुलन हमारे अनुकूल बना रहे। हम एशिया को बेहद अहम क्षेत्र मानते हैं।'
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चीन की आलोचना से किया परहेज
कोल्बी ने क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को लेकर अमेरिका की ओर से आमतौर पर की जाने वाली तीखी आलोचना से परहेज किया। इसमें विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियां भी शामिल हैं। वाशिंगटन पिछले कुछ वर्षों में फिलीपींस के तटरक्षक और नौसैनिक बलों के खिलाफ बीजिंग की बढ़ती आक्रामक कार्रवाइयों पर बार-बार चिंता जताता रहा है। चीन और फिलीपींस के साथ-साथ वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान दशकों से विवादित जलक्षेत्र को लेकर आमने-सामने हैं। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बीजिंग लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। उसने 2016 में फिलीपींस द्वारा शुरू किए गए मध्यस्थता मामले में आए उस फैसले को भी खारिज कर दिया है, जिसमें चीन के दावों को अमान्य कर दिया गया था।

सहयोगी देशों से रक्षा क्षेत्र में निवेश की अपील
कोल्बी ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा मई में सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला रक्षा सम्मेलन में दिए गए भाषण में जताई गई प्रतिबद्धता को दोहराया। हेगसेथ ने कहा था कि अमेरिका पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में एक मजबूत रक्षा व्यवस्था तैयार करेगा। कोल्बी ने कहा कि 'अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जहां सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां हम सैन्य क्षमता बनाए रख सकें। हालांकि, यह रक्षा ढांचा केवल अमेरिकी प्रयासों के भरोसे नहीं टिक सकता। इसे ऐसे सक्षम और संप्रभु देशों के नेटवर्क द्वारा कायम रखा जाना चाहिए, जिन्होंने अपनी सेनाओं का आधुनिकीकरण किया हो और अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बढ़ाई हो। इससे हमारे संबंध बराबरी के वास्तविक साझेदारों में बदलेंगे।'

उन्होंने कहा, 'जब हम अपने सहयोगियों और साझेदारों से आगे बढ़ने, अपनी रक्षा में अधिक निवेश करने और अपनी संप्रभु सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लेने के लिए कहते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम उन्हें छोड़ रहे हैं। दरअसल हम संरक्षित देश नहीं, बल्कि साझेदार चाहते हैं।'
Amar Ujala Ltd published this content on August 11, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 11, 2026 at 07:08 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]