Amar Ujala Ltd

08/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/24/2026 20:22

योगी सरकार का मेगा प्लान: यूपी में 120 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, बनेंगे नए औद्योगिक हब

{"_id":"6a8cf90876d4a3e47d04ac47","slug":"yogi-government-mega-plan-target-of-120-lakh-crore-investment-in-up-new-industrial-hubs-to-be-set-up-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"योगी सरकार का मेगा प्लान: यूपी में 120 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, बनेंगे नए औद्योगिक हब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

योगी सरकार का मेगा प्लान: यूपी में 120 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, बनेंगे नए औद्योगिक हब

Tue, 25 Aug 2026 07:38 AM IST
Bhupendra Singh अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 25 Aug 2026 07:38 AM IST
सार

दस खरब डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए यूपी सरकार की बड़ी तैयारी है। 120 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा गया है। यानी हर साल 23 लाख करोड़ रुपये के निवेश का कठिन लक्ष्य तय किया गया है। बड़े निवेशकों को केंद्र में रख परियोजनाएं विकसित होंगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
औद्योगिक निवेश (सांकेतिक) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें

विस्तार

उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए निवेश, जमीन, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों पर फोकस किया गया है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने 105 से 120 लाख करोड़ रुपये निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 26 से 30 लाख करोड़ रुपये निवेश की तैयारी है। उद्योगों के लिए करीब दो लाख एकड़ भूमि विकसित करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन


इंडस्ट्री से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ये लक्ष्य बड़ा है क्योंकि अभी तक चार भूमि पूजन समारोह में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं। यानी दस खरब डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए अगले चार साल में न्यूनतम 93 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना होगा। इस हिसाब से हर साल करीब 23 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश की जरूरत है।
विज्ञापन

जमीन की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण जरूरत

इस कठिन व बड़े लक्ष्य के लिए बड़े निवेशकों को केंद्र में रखकर आधारभूत परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे एमओयू उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बदल सकें। कृषि, अवस्थापना, उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, नगर विकास, वित्तीय सेवाएं और ऊर्जा समेत प्रमुख क्षेत्रों के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार ने 2026-27 तक करीब दो लाख एकड़ का भूमि बैंक तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण के साथ भूमि पूलिंग, ग्राम समाज की भूमि और विभिन्न विभागों के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि के इस्तेमाल जैसे विकल्प अपनाए जा रहे हैं। जुलाई 2026 में हुई समीक्षा के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में 15,610 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई और 10,678 एकड़ भूमि विकसित की गई।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस

दस खरब डॉलर के लक्ष्य में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर सर्वाधिक फोकस है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अकेले इस सेक्टर में 26 से 30 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य है। इसके लिए औद्योगिक गलियारों, एक्सप्रेसवे के आसपास और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है।

हाल में प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड पर काम तेज किया गया है। इसका उद्देश्य उद्योगों को जमीन के साथ तैयार भवन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्पादन शुरू करने में लगने वाला समय कम करना है। राज्य में 27 एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
Amar Ujala Ltd published this content on August 25, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 25, 2026 at 02:22 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]