02/21/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/21/2026 05:54
भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और ब्राजील गणराज्य के खान एवं ऊर्जा मंत्रालय ने इस्पात क्षेत्र के लिए आवश्यक खनन और खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति महामहिम लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में संपन्न हुआ।
यह समझौता ज्ञापन इस्पात मूल्य श्रृंखला में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संस्थागत ढांचा प्रदान करता है, जिसमें इस्पात उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल के विश्वसनीय और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
यह सहयोग निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होगा:
ब्राज़ील लौह अयस्क के विश्व के अग्रणी उत्पादकों में से एक है और इसमें इस्पात निर्माण के लिए आवश्यक खनिजों के महत्वपूर्ण भंडार मौजूद हैं, जिनमें मैंगनीज, निकेल और नाइओबियम शामिल हैं। ब्राज़ील के साथ सहयोग बढ़ाने से भारत के इस्पात क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
भारत की वर्तमान इस्पात उत्पादन क्षमता 218 मिलियन टन है। अवसंरचना विकास और औद्योगीकरण के कारण बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारतीय कंपनियां इस्पात उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार कर रही हैं। इस संदर्भ में, यह समझौता ज्ञापन इस्पात उत्पादन के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों के विकास हेतु सहयोग को सुदृढ़ करने, खनिज प्रसंस्करण, संवर्धन, पुनर्चक्रण और डेटा-आधारित अन्वेषण में उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह साझेदारी इस्पात उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्रियों की कुशल तैयारी में सहयोग प्रदान करेगी, इस्पात मूल्य श्रृंखला में प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों को सक्षम बनाएगी और भारत-ब्राजील इस्पात आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और स्थिरता को बढ़ाएगी।
******
पीके/केसी/एमके/पीके