Results

Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/21/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/21/2026 05:54

भारत और ब्राजील ने इस्पात आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

इस्‍पात मंत्रालय

भारत और ब्राजील ने इस्पात आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 21 FEB 2026 2:35PM by PIB Delhi

भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और ब्राजील गणराज्य के खान एवं ऊर्जा मंत्रालय ने इस्पात क्षेत्र के लिए आवश्यक खनन और खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति महामहिम लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में संपन्न हुआ।

यह समझौता ज्ञापन इस्पात मूल्य श्रृंखला में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संस्थागत ढांचा प्रदान करता है, जिसमें इस्पात उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल के विश्वसनीय और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

यह सहयोग निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होगा:

  • इस्पात क्षेत्र में अन्वेषण, खनन और अवसंरचना विकास में निवेश आकर्षित करना
  • खनिजों के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण की प्रौद्योगिकियाँ
  • अन्वेषण और खनन में स्वचालन और उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग
  • अन्वेषण प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए भूवैज्ञानिक डेटा विश्लेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग
  • खनिज निष्कर्षण, प्रसंस्करण और पर्यावरण प्रबंधन में सर्वोत्तम पद्धतियाँ

ब्राज़ील लौह अयस्क के विश्व के अग्रणी उत्पादकों में से एक है और इसमें इस्पात निर्माण के लिए आवश्यक खनिजों के महत्वपूर्ण भंडार मौजूद हैं, जिनमें मैंगनीज, निकेल और नाइओबियम शामिल हैं। ब्राज़ील के साथ सहयोग बढ़ाने से भारत के इस्पात क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।

भारत की वर्तमान इस्पात उत्पादन क्षमता 218 मिलियन टन है। अवसंरचना विकास और औद्योगीकरण के कारण बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारतीय कंपनियां इस्पात उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार कर रही हैं। इस संदर्भ में, यह समझौता ज्ञापन इस्पात उत्पादन के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों के विकास हेतु सहयोग को सुदृढ़ करने, खनिज प्रसंस्करण, संवर्धन, पुनर्चक्रण और डेटा-आधारित अन्वेषण में उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह साझेदारी इस्पात उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्रियों की कुशल तैयारी में सहयोग प्रदान करेगी, इस्पात मूल्य श्रृंखला में प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों को सक्षम बनाएगी और भारत-ब्राजील इस्पात आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और स्थिरता को बढ़ाएगी।

******

पीके/केसी/एमके/पीके


(रिलीज़ आईडी: 2231240) आगंतुक पटल : 8
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu
Ministry of Heavy Industries of the Republic of India published this content on February 21, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on February 21, 2026 at 11:54 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]