03/10/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/10/2026 03:55
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पास सभी चिकित्सा उपकरणों के विनियमन के लिए एक नियामक प्रणाली है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से सुसिज्जत चिकित्सा उपकरण भी शामिल हैं। उच्च जोखिम वाले चिकित्सा उपकरणों के लिए तकनीकी दस्तावेज़ीकरण संबंधी आवश्यकताएं चिकित्सा उपकरण नियमावली, 2017 के प्रावधानों के तहत निर्धारित हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त चिकित्सा उपकरणों के संबंध में, आवेदक को उक्त नियमों के अनुसार व्यापक तकनीकी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। प्रमुख तकनीकी दस्तावेज संबंधी आवश्यकताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
चिकित्सा उपकरण नियमावली, 2017 के अध्याय IV और V में देश में चिकित्सा उपकरणों के व्यावसायीकरण के लिए क्रमशः विनिर्माण लाइसेंस और आयात लाइसेंस प्रदान करने से संबंधित प्रावधान हैं। चिकित्सा उपकरण नियमावली, 2017 के तहत प्रत्येक कार्यकलाप के लिए समयसीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की पहल की स्थिति के संबंध में, मंत्रालय ने 17.02.2026 को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत में स्वास्थ्य सेवा में एआई के लिए रणनीति (सही) और स्वास्थ्य एआई के लिए बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म (बोध) का शुभारंभ किया। सही भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सुरक्षित, नैतिक, साक्ष्य-आधारित और समावेशी रूप से अपनाने के लिए एक राष्ट्रीय मार्गदर्शन ढांचा है। स्वास्थ्य एआई के लिए बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म (बोध) को आईआईटी कानपुर के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है और यह व्यापक स्तर पर तैनाती से पहले एआई समाधानों के परीक्षण और सत्यापन के लिए एक संरचित तंत्र प्रदान करता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) एक सैंडबॉक्स वातावरण और एकीकरण टूलकिट प्रदान करता है जो स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी डेवलपर्स को एआई स्क्रीनिंग टूल सहित अपने एप्लिकेशन/सॉफ्टवेयर को एकीकृत करने की अनुमति देता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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