Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/17/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/17/2026 10:31

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोगशालाओं से जीवन में आगमन: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन एक्सपो ने विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया में इसके उपयोग पर प्रकाश डाला

इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोगशालाओं से जीवन में आगमन: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन एक्सपो ने विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया में इसके उपयोग पर प्रकाश डाला


उद्योग जगत से कई लोगों सम्मेलन में आना और सार्वजनिक भागीदारी

ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स, बहुभाषी एआई और फिनटेक सुरक्षा प्रमुख आकर्षणों में शामिल

प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2026 8:21PM by PIB Delhi

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026)कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन)प्रदर्शनी ने अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, उद्योग निकायों और वैश्विक भागीदारों को एक साथ लाकर विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समाधानों का प्रदर्शन किया है। भारत और 30 से अधिक देशों के 300 से अधिक प्रदर्शकों वाले 10 विषयगत पवेलियन इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि एआई किस प्रकार वैज्ञानिक प्रगति, औद्योगिक लचीलापन, नवाचार और डिजिटल संसाधनों के लोकतंत्रीकरण को गति प्रदान कर रहा है।

यह शिखर सम्मेलन एआई अवसंरचना, स्वायत मॉडल, रोबोटिक्स, सुपरकंप्यूटिंग, शिक्षा प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा नवाचार और फिनटेक सुरक्षा में भारत की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य कर रहा है।

रोबोटिक्स और बुद्धिमान विनिर्माण

इस प्रदर्शनी में लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, खुदरा और स्मार्ट कृषि के लिए उन्नत रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ये नवाचार उत्पादकता बढ़ाने, परिचालन लागत कम करने और उच्च मांग वाले क्षेत्रों में कार्यबल संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तैयार किए गए हैं।

विज्ञान और अनुसंधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता

भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थान यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि एआई किस प्रकार अनुसंधान और नवाचार को गति प्रदान कर रहा है।

प्रदर्शित किए गए प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा संचालित प्रोटीन इंजीनियरिंग और दवा खोज
  • तंत्रिका विज्ञान और संज्ञानात्मक प्रणाली अनुसंधान
  • बड़े पैमाने पर जैविक और नैदानिक ​​डेटा को संसाधित करने के लिए उन्नत कंप्यूटिंग और क्वांटम-केंद्रित विधियों का उपयोग।
  • बहुभाषी और सुरक्षित अनुप्रयोगों के लिए जनरेटिव एआई और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम)

ये प्रयास जैव चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने, निदान में सुधार करने और डेटा-संचालित स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका को रेखांकित करते हैं।

एआई अवसंरचना और लचीलापन

उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और डेटा-गहन कार्यभार को संभालने के लिए तैयार किए गए अगली पीढ़ी के एआई-तैयार बुनियादी ढांचे को प्रदर्शित करने वाले प्रदर्शक शिखर सम्मेलन के मुख्य आकर्षणों में से एक हैं। रोबोटिक्स प्रोसेसर और तैनाती के लिए तैयार ह्यूमनॉइड सिस्टम, यह दर्शाते हैं कि एआई किस प्रकार अनुसंधान प्रयोगशालाओं से वास्तविक दुनिया के औद्योगिक अनुप्रयोगों की ओर अग्रसर हो रहा है इसने भारी भीड़ को आकर्षित किया है।

शिक्षा और कौशल विकास में एआई

प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों ने कामकाजी पेशेवरों और छात्रों के लिए तैयार किए गए एआई-सक्षम शिक्षा ढांचे प्रस्तुत किए हैं।

एआई और मशीन लर्निंग कार्यक्रमों में हजारों शिक्षार्थियों के नामांकन के साथ, यह शिखर सम्मेलन भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण और एआई शिक्षा तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वित्त, लेखांकन और धोखाधड़ी का पता लगाने में एआई

प्रदर्शनी में दिखाए गए एआई टूल्स, जो तेज ऑडिट, बेहतर धोखाधड़ी का पता लगाने, बेहतर अनुपालन और बढ़ी हुई दक्षता को सक्षम बनाते हैं, फिनटेक और साइबर सुरक्षा में एआई के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हैं।

लोकतांत्रिकरण और समावेशन के लिए एआई

बहुभाषी एआई सामग्री निर्माण, छोटे व्यवसायों और पेशेवर फर्मों के लिए उपकरण, शहरी और दूरस्थ दोनों वातावरणों के लिए उपयुक्त मॉड्यूलर एआई अवसंरचना, स्मार्ट अपशिष्ट प्रबंधन और कृषि रोबोटिक्स जैसे एआई-संचालित सार्वजनिक सेवा अनुप्रयोग जैसे एआई समाधान एआई संसाधनों के लोकतंत्रीकरण को दर्शाते हैं।

सहयोग और नवाचार के लिए एक मंच

कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन (इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026)के प्रदर्शनी स्थल एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरे हैं, जिनमें उद्योग जगत के नेताओं, स्टार्टअप्स, छात्रों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भारी भागीदारी रही है। यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि एआई अब केवल अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सभी क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जा रहा है। इसने इस बात पर जोर दिया है कि एआई विज्ञान, आर्थिक मजबूती, नवाचार और समावेशी विकास के लिए एक रणनीतिक सहायक है।

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पीके/केसी/एनकेएस/


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