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09/09/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/08/2026 21:21

आईफोन 18 प्रो की लॉन्चिंग: भारत के स्मार्टफोन बाजार में महज 9% हिस्सेदारी, फिर एपल की कमाई सबसे ज्यादा कैसे

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आईफोन 18 प्रो की लॉन्चिंग: भारत के स्मार्टफोन बाजार में महज 9% हिस्सेदारी, फिर एपल की कमाई सबसे ज्यादा कैसे?

Wed, 09 Sep 2026 08:25 AM IST
संकल्प प्रकाश सिंह स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: संकल्प प्रकाश सिंह Updated Wed, 09 Sep 2026 08:25 AM IST
सार

भारत में एपल सबसे ज्यादा स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी नहीं है, फिर भी स्मार्टफोन बाजार से होने वाली कमाई में उसकी हिस्सेदारी चौंकाने वाली है।

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एपल कम फोन बेचकर ज्यादा कमाई कैसे करता है? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

एपल स्मार्टफोन को पसंद करने वाले लोगों के लिए आज का दिन खास होने वाला है। कंपनी आईफोन 18 प्रो लॉन्च करने जा रही है। इस बार का लॉन्च इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि यह एपल के नए सीईओ जॉन टर्नस के कार्यकाल का पहला बड़ा आईफोन लॉन्च है। अक्सर लोगों का यह सवाल रहता है कि देश में एपल कम स्मार्टफोन बेचकर भी ज्यादा कमाई कैसे करता है?

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एपल कम फोन बेचकर ज्यादा कमाई कैसे करता है?

  • भारत में सबसे ज्यादा स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी में एपल का नाम शुमार नहीं है।
  • एक रिपोर्ट की मानें तो 2026 की पहली तिमाही में वीवो 19.6 प्रतिशत यूनिट शेयर के साथ नंबर 1, सैमसंग 17.1 प्रतिशत के साथ नंबर 2, ओप्पो 15.3 प्रतिशत के साथ तीसरे और एपल करीब 9.4 प्रतिशत शेयर के साथ चौथे नंबर पर था।
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  • इस रिपोर्ट की मानें तो भारत में अगर 100 स्मार्टफोन बिकते हैं, तो उसमें से 9.4 स्मार्टफोन एपल के होते हैं।
  • वहीं आपको कहानी के दूसरे हिस्से को समझना भी काफी जरूरी है।
  • उन्हीं 100 फोन से होने वाली कुल बिक्री की कमाई में एपल की हिस्सेदारी लगभग 28 प्रतिशत है।
  • यानी बाजार में बिकने वाले हर 100 रुपये के स्मार्टफोन में करीब 28 रुपये एपल के खाते में जाते हैं।

आईफोन सिर्फ शुरुआत है, असली खेल सर्विसेस का है

  • एपल का लक्ष्य हर जेब तक पहुंचना नहीं है। वह कम फोन बेचकर भी दूसरी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से ज्यादा पैसे कमाने की रणनीति पर चलता है।
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  • एपल की असली कमाई का खेल सिर्फ आईफोन बेचने तक सीमित नहीं है।
  • असली कहानी उस समय शुरू होती है जब कोई व्यक्ति एक बार आईफोन खरीदने के बाद भी एपल को पैसे देना जारी रखता है।
  • ये एपल के सर्विस बिजनेस की बड़ी ताकत है।
  • मान लीजिए कोई व्यक्ति आईफोन खरीदता है, लेकिन उसके बाद एपल के साथ उसका रिश्ता खत्म नहीं होता।
  • वह अपनी तस्वीरें और फाइलें आईक्लाउड पर रखने के लिए भुगतान कर सकता है।
  • गाने सुनने के लिए एपल म्यूजिक, फिल्में और सीरीज देखने के लिए एपल टीवी का सब्सक्रिप्शन खरीद सकता है।
  • यानी एक आईफोन की बिक्री से शुरू हुआ रिश्ता आगे चलकर बार-बार होने वाली कमाई में बदल जाता है।
  • यही अंतर एपल के बिजनेस मॉडल को दूसरे स्मार्टफोन निर्माताओं से अलग बनाता है।
  • एक फोन बेचने पर कंपनी को मुख्य रूप से उसकी बिक्री से कमाई होती है।
  • वहीं सर्विसेस में ग्राहक अगर हर महीने या हर साल भुगतान करता है, तो एक ग्राहक से मिलने वाली कमाई लगातार चलती रहती है।

एपल फोन नहीं पूरा इकोसिस्टम बेचता है

  • इसके बाद आते हैं आईफोन प्रो और प्रो मैक्स जैसे महंगे मॉडल का फायदा।
  • इनकी कीमत ज्यादा होने के कारण प्रत्येक बिक्री एपल की कमाई में बड़ा योगदान देती है।
  • कंपनी ने ऐसा प्रीमियम प्रसेप्शन बनाया है कि उसका ग्राहक केवल प्रोडक्ट नहीं खरीदता बल्कि डिजाइन, इकोसिस्टम, स्टेटस और यूजर एक्सपीरियंस के लिए भी पैसा देने के लिए तैयार रहता है।
  • आईफोन, एपल वॉच, एयरपोड्स, आईपैड, मैक जैसे डिवाइस एक दूसरे से जुड़े होते हैं।
  • जब कोई ग्राहक इस इकोसिस्टम में आता है, तो उसके लिए एपल की दूसरी सर्विसेज इस्तेमाल करना ज्यादा स्वाभाविक और आसान हो जाता है।

एपल के लिए भारत सिर्फ बिक्री का बाजार नहीं है

  • पिछले कुछ वर्षों में भारत एपल की मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेटजी में भी महत्वपूर्ण बन गया है।
  • कंपनी चीन पर अपना विनिर्माण कम करने के लिए भारत में उत्पादन बढ़ा रही है।
  • इसका मतलब यह है कि भारत एपल के लिए केवल कंज्यूमर मार्केट ही नहीं, बल्कि उत्पादन और सप्लाई का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।
एपल कम फोन बेचकर ज्यादा कमाई कैसे करता है? - फोटो : Amar Ujala

आईफोन 17 प्रो खरीदने के लिए अलग-अलग देशों में कितने दिन की कमाई करनी पड़ती है?

(8 घंटे के काम के दिन, स्थानीय औसत वेतन और आईफोन की कीमतों के आधार पर)

लक्जमबर्ग - 3
स्विट्जरलैंड - 3
अमेरिका - 4
बेल्जियम - 4
डेनमार्क - 4
नीदरलैंड्स - 4,
नॉर्वे - 4
ऑस्ट्रेलिया - 5
ऑस्ट्रिया - 5
फिनलैंड - 5
आयरलैंड - 5
जर्मनी - 5
कनाडा - 5
फ्रांस - 6
स्वीडन - 6
यूके - 7
न्यूजीलैंड - 7
सिंगापुर - 8
इटली - 8
UAE- 8
स्पेन - 9
चेकिया - 12
पोलैंड - 17
पुर्तगाल - 24
हंगरी - 27
चिली - 32
मलेशिया - 45
थाईलैंड - 61
ब्राजील - 77
तुर्किये - 89
वियतनाम - 99
फिलीपींस - 101
भारत - 160 कामकाजी दिन

Apple Iphone - फोटो : Amar Ujala

किस देश में कितनी है आईफोन 17 प्रो 256GB की कीमत?

तुर्किये - ₹2,45,696
ब्राजील - ₹2,14,225
इजिप्ट - ₹1,77,447
हंगरी - ₹1,73,087
नॉर्वे - ₹1,59,911
मेक्सिको - ₹1,57,067
स्वीडन - ₹1,51,759
पोलैंड - ₹1,50,527
चेकिया - ₹1,50,242
फिनलैंड - ₹1,49,579
पुर्तगाल - ₹1,48,441
ग्रीस - ₹1,48,441
इटली - ₹1,47,304
आयरलैंड - ₹1,47,304
डेनमार्क - ₹1,47,209
फ्रांस - ₹1,46,261
नीदरलैंड्स - ₹1,46,261
बेल्जियम - ₹1,46,261
स्पेन - ₹1,45,123
ऑस्ट्रिया - ₹1,42,943
जर्मनी - ₹1,42,943
लक्जमबर्ग - ₹1,41,427
ब्रिटेन (यूके) - ₹1,39,910
भारत - ₹1,35,265
ऑस्ट्रेलिया - ₹1,33,938
सऊदी अरब - ₹1,31,379
स्विट्जरलैंड - ₹1,31,284
न्यूजीलैंड - ₹1,29,862
सिंगापुर - ₹1,29,294
मलेशिया - ₹1,28,156
थाईलैंड - ₹1,27,967
चीन - ₹1,26,260
वियतनाम - ₹1,26,071
फिलीपींस - ₹1,25,692
कनाडा - ₹1,22,374
संयुक्त अरब अमीरात - ₹1,21,236
ताइवान - ₹1,19,815
हांगकांग - ₹1,13,748
अमेरिका - ₹1,11,947
दक्षिण कोरिया - ₹1,11,947
जापान - ₹1,06,260
Amar Ujala Ltd published this content on September 09, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on September 09, 2026 at 03:21 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]