03/10/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/10/2026 04:05
अंग प्रत्यारोपण करने वाले अस्पतालों का पंजीकरण संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा किया जाता है, जहां अस्पताल स्थित है। अंग प्रत्यारोपण करने वाले 804 पंजीकृत अस्पतालों में से 217 अस्पताल वर्ष 2025 के दौरान नेशनल रजिस्ट्री पोर्टल पर डेटा रिपोर्ट करने में विफल रहे। मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (टीएचओटीए), 1994 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के प्रावधानों के अनुसार, ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नियामक कार्रवाई की जानी है।
राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण रजिस्ट्री पोर्टल 2015 से कार्यरत है और राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन ( www.notto.mohfw.gov.in ) की वेबसाइट के माध्यम से अस्पतालों और संगठनों सहित अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ है।
3 मार्च, 2026 तक, राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) के राष्ट्रीय रजिस्ट्री पोर्टल पर अस्पतालों और प्रत्यारोपण केंद्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश में प्रमुख अंगों के लिए प्रतीक्षा सूची में 89,839 लोग हैं। वर्ष 2025 के दौरान, देश में किए गए अंग प्रत्यारोपणों की संख्या 20,019 थी।
भारत सरकार राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) लागू कर रही है, जो एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है। इसका उद्देश्य अंग प्रत्यारोपण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सेवाओं को मजबूत करना और देश में अंगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस कार्यक्रम के तहत, उत्तरी क्षेत्र (लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को छोड़कर), पूर्वी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (मणिपुर और नगालैंड को छोड़कर) के राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (आरओटीटीओ) और राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एसओटीटीओ) स्थापित किए गए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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