केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को गोवा की राजधानी पणजी में गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट कलर प्रदान किया। शाह ने कहा कि गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान करना उनके लिए गर्व का विषय है। आठ दशकों की गौरवशाली सेवा के बाद गोवा पुलिस, राष्ट्रपति द्वारा दिए गए इस निशान के साथ देश के कई अन्य पुलिस बलों की कतार में खड़ी है। गोवा छोटा, किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। गोवा पुलिस को सुरक्षित शहर, सुरक्षित समुदाय और सुरक्षित समुद्री सीमा का दायित्व मिला है। राज्य गठन के बाद गोवा पुलिस ने इन तीनों दायित्वों को सफलतापूर्वक निभाया है।
अमित शाह ने कहा कि विकसित राष्ट्र की पहली शर्त है कि उसकी आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि गोवा को आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमा सुरक्षा का दायित्व निभाने का भी गौरव प्राप्त है। गोवा की लंबी समुद्री सीमा की रक्षा का भार गोवा पुलिस के कंधों पर है। इस दायित्व को कुशलतापूर्वक निभाते हुए गोवा पुलिस ने पर्यटकों की सुरक्षा और मजबूत अर्थव्यवस्था में योगदान करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीति आज विश्व मंच पर अपना स्पष्ट स्थान बना सकी है। विश्व की कोई भी बड़ी समस्या हो, अब यह देखा जाता है कि भारत के प्रधानमंत्री का उस पर क्या दृष्टिकोण है।
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गोवा पुलिस ने इस मामले में एक कदम आगे बढ़ाते हुए 1930 हेल्पलाइन के लिए एआई आधारित कॉल एजेंट शुरू किया है। इस कार्य में गोवा पुलिस देश के अन्य राज्यों से आगे है। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन कोंकणी, मराठी और हिंदी में शिकायत दर्ज करेगी। साथ ही, यह सेवा देश की अन्य भाषाओं में भी शिकायत दर्ज कर उसे उचित स्थान तक पहुंचाएगी। गोवा में देश और दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने अपने विज़न का परिचय देते हुए इस एआई एजेंट को केवल कोंकणी और मराठी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं को इसमें शामिल किया है। यह पर्यटकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है। गोवा की लंबी तटरेखा और यहाँ की 15 लाख से अधिक आबादी को देखते हुए पुलिस का चुस्त-दुरुस्त रहना अत्यंत आवश्यक है। खेल ऐसे सशक्त माध्यम हैं, जो पुलिस को शारीरिक रूप से सक्षम और सतर्क बनाए रख सकते हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आठ दशकों में शांति, सेवा और न्याय का आपका संकल्प और सूत्रवाक्य गोवा को सुरक्षित बनाने का काम करता रहा है। गोवा की जनता के साथ-साथ पूरे देश में गोवा पुलिस की सराहना होती रही है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवा 112 में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम पहले 18 मिनट था, जो अब घट कर सिर्फ 8 मिनट रह गया है। सेवा के क्षेत्र में यह बहुत बड़ा सुधार है। उन्होंने कहा कि लगभग 20,000 कॉल पर त्वरित सहायता दी गई है और विश्वास है कि वाहन तथा दोपहिया साधन जोड़ने पर यह समय 6 मिनट से भी कम हो जाएगा। गोवा की टूरिस्ट पुलिस विंग उन राज्यों के लिए आदर्श बन सकती है, जहां पर्यटन अधिक है।
गोवा पुलिस कई महीनों तक देशभर में नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन में प्रथम रही है। वर्तमान में 93.38 प्रतिशत की प्रगति के साथ वह पूरे भारत में दूसरे स्थान पर है। सभी नौ मानकों पर गोवा पुलिस का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। मात्र एक वर्ष में गोवा पुलिस ने सजा दिलाने की दर में 30 प्रतिशत की वृद्धि की है। पहले यह दर 23 प्रतिशत थी; अब 53 प्रतिशत एफआईआर में सजा दिलाई जा रही है, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गोवा पुलिस नारकोटिक्स नियंत्रण में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केन्द्रीय मंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक, केन्द्रीय गृह सचिव, गोवा के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।