Results

Amar Ujala Ltd

08/31/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/30/2026 19:31

ईरान से लेनदेन पर अमेरिका सख्त: एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में ट्रंप प्रशासन; भारत-चीन पर भी नजर

{"_id":"6a94d4974584b454a205f302","slug":"us-plans-to-sanction-another-bank-in-effort-to-clamp-down-on-iran-transactions-bessent-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईरान से लेनदेन पर अमेरिका सख्त: एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में ट्रंप प्रशासन; भारत-चीन पर भी नजर?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}

ईरान से लेनदेन पर अमेरिका सख्त: एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में ट्रंप प्रशासन; भारत-चीन पर भी नजर?

Mon, 31 Aug 2026 06:41 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 31 Aug 2026 06:41 AM IST
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : एएनआई (फाइल)
  • Link Copied

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

यह खबर एप पर पढ़ें

या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

लॉगिन करें
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इस सप्ताह एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद ईरान से होने वाले लेनदेन पर रोक लगाना है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन


स्कॉट बेसेंट ने नॉर्थ कैरोलिना के ऐशविल में एसोसिएटेड प्रेस से बात की। वह वहां होने वाली जी-20 बैठकों से पहले बोल रहे थे। बैठक में वह दुनिया की बड़ी और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के अपने समकक्षों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। उनका मकसद ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में देशों की भागीदारी बढ़ाना है।
विज्ञापन


बेसेंट ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो यह वित्तीय हमला होगा। उन्होंने कहा, हम लोगों को दिखा रहे हैं कि हमें पता है आप कौन हैं। आपको भी पता है कि आप कौन हैं। इसे बंद करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने हाल में एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। इसका मकसद उन देशों पर दबाव बनाना है, जो पहले से कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के साथ अब भी कारोबार कर रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ये देश ईरान से अपने वित्तीय संबंध तोड़ लें। ऐसा नहीं करने पर उन्हें अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इस अभियान में अमेरिकी वित्त मंत्रालय की पहली आधिकारिक कार्रवाई शुक्रवार को सामने आई। मंत्रालय ने एक प्रस्तावित नियम जारी किया। इसे अंतिम रूप दिए जाने पर मिस्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक 'बैंके मिस्र' की संयुक्त अरब अमीरात स्थित शाखाओं की अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच खत्म हो जाएगी।

अमेरिका ने मिस्र के इस बैंक पर सीधे प्रतिबंध लगाने से फिलहाल परहेज किया है। इससे संकेत मिलता है कि रिपब्लिकन प्रशासन उन बड़े व्यापारिक साझेदारों पर कार्रवाई करने से बचना चाहता है, जो ईरान के साथ कारोबार करते हैं। इनमें चीन और भारत भी शामिल हैं। बेसेंट की इस सप्ताह दोनों देशों के अधिकारियों से मुलाकात होनी है।

ये भी पढ़ें: फास्ट फैशन से दूरी: अमेरिका में खुद फ्लेक्स उगाकर कपड़े बना रहीं ईव ओग्डेन शब, क्यों चुना पुराना तरीका?

बेसेंट ने एपी से कहा कि वह जी-20 बैठक में चीन के अपने समकक्षों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजिंग पर प्रतिबंध लगाने के मामले में 'सभी विकल्प खुले हैं'। चीन लगातार ईरान से खरीदारी कर रहा है।

हालांकि, बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर कार्रवाई करने से हिचक नहीं रहा है। उन्होंने मीडिया में चल रही ऐसी खबरों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका इस बात पर सहमत हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना जरूरी है। दोनों देश इस बात पर भी सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना जरूरी है।
Amar Ujala Ltd published this content on August 31, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 31, 2026 at 01:31 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]