Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

07/04/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/04/2026 09:45

माउंट आबू में रिफॉर्म्स उत्सव और चिंतन शिविर 2026 का शुभारंभ

विधि एवं न्‍याय मंत्रालय

माउंट आबू में रिफॉर्म्स उत्सव और चिंतन शिविर 2026 का शुभारंभ

प्रविष्टि तिथि: 04 JUL 2026 8:28PM by PIB Delhi

विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार के विधिक कार्य विभाग और विधायी विभाग ने आज राजस्थान के माउंट आबू में स्थित ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय के 'ज्ञान सरोवर' में दो दिवसीय 'रिफॉर्म्स उत्सव और चिंतन शिविर 2026' का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम "विकसित भारत @2047 के लिए भविष्य के लिए तैयार विधायी इकोसिस्टम का निर्माण" विषय पर केंद्रित है।

उद्घाटन सत्र को केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माननीय श्री अर्जुन राम मेघवाल ने संबोधित किया। उन्होंने अधिकारियों से 'चिंता' के स्थान पर 'चिंतन' (गहन विचार-विमर्श) की भावना को अपनाने और लीगल गवर्नेंस, विधिक सलाह तथा नागरिक-केंद्रित सुधारों को सुदृढ़ करने के लिए अभिनव विचार साझा करने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, माननीय मंत्री ने विकसित भारत @2047 के संकल्प को सिद्ध करने के लिए नवाचार, सहयोग और संस्थागत उत्कृष्टता पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, विधिक कार्य विभाग और विधायी विभाग के सचिव, डॉ. राजीव मणि ने पिछले 12 वर्षों में किए गए प्रमुख सुधारों पर प्रकाश डाला और कहा कि इन्होंने सुधारों के अगले चरण के लिए एक मजबूत आधारशिला रखी है। उन्होंने एक आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित कानूनी इकोसिस्टम के निर्माण में लीगल गवर्नेंस, संस्थागत क्षमता, डिजिटल परिवर्तन, प्रौद्योगिकी-सक्षम गवर्नेंस और गुणवत्तापूर्ण कानूनी सलाह के महत्व पर बल दिया।

इसके बाद, कार्यक्रम "इनोवेशन, कोलैबोरेशन और इंस्टीट्यूशनल एक्सीलेंस" (नवाचार, सहयोग और संस्थागत उत्कृष्टता) की थीम के तहत दोनों विभागों के समानांतर विचार-मंथन सत्रों के साथ आगे बढ़ा।

विधिक कार्य विभाग ने लीगल गवर्नेंस, मुकदमों का प्रबंधन, कानूनी सलाह, वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, लिम्बस (LIMBS), नागरिक सेवाओं, संस्थागत सुधारों, क्षमता विकास और प्रशासनिक उत्कृष्टता पर विचार-विमर्श किया।

विधायी विभाग ने विधायी प्रारूपण सुधारों, विधायी प्रभाव आकलन, आधिकारिक भाषाओं, अनुवाद, प्रकाशनों, संस्थागत शिक्षण और मंत्रालयों के साथ सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

पहले दिन के विचार-मंथन ने विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप कानूनी गवर्नेंस को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और एक पारदर्शी, कुशल एवं भविष्य के लिए तैयार कानूनी इकोसिस्टम का निर्माण करने के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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पीके/केसी/डीवी/डीए


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