03/20/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/20/2026 05:33
भारत को प्रौद्योगिकीय नवोन्मेषण के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से 'भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट' का आयोजन कर रहा है। यह प्री-समिट 21-22 मार्च 2026 को आईआईटी बॉम्बे रिसर्च पार्क में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान एक विशेष सत्र के दौरान शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश भर से प्राप्त 3,000 से अधिक आवेदनों में से चयनित लगभग 137 होनहार डीप-टेक स्टार्टअप शामिल होंगे।
उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद (पीएम-एसटीआईएसी) के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार सूद उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद और उद्यमी भी भाग लेंगे, जिनमें शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर; जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश सुधीर गोखले और आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन; आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे; और आईआईटी के डीप-टेक उद्यमी, जिनमें एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज (आईआईटी बॉम्बे) के सह-संस्थापक मनोज मीना और इम्यूनोएक्ट के संस्थापक प्रोफेसर राहुल पुरवार शामिल हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष के उद्घाटन के अवसर पर भारत इनोवेट्स पहल की घोषणा की। शिक्षा मंत्रालय का यह एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के रणनीतिक मार्गदर्शन में संचालित होता है। इस कार्यक्रम को भारतीय डीप-टेक के लिए एक ग्लोबल ऐक्सिलरेटर के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो भारत के उच्च शिक्षा नवाचार इकोसिस्टम (स्टार्टअप, प्रयोगशालाएं और अनुसंधान पार्क) और कॉरपोरेट, निवेशकों, इनक्यूबेटरों, विश्वविद्यालयों और सरकारों सहित वैश्विक हितधारकों के बीच स्थायी सेतु का निर्माण करता है। भारत इनोवेट्स 2026 के तीन प्रमुख चरण है:
भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट में 13 महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नवोन्मेषणों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें उन्नत कंप्यूटिंग, स्वास्थ्य सेवा और मेडटेक, अंतरिक्ष और रक्षा, ऊर्जा और स्थिरता, सेमीकंडक्टर्स, जैव प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सिटी और मोबिलिटी, ब्लू इकोनॉमी, नेक्स्ट-जेन कम्युनिकेशंस, कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री, विनिर्माण और उद्योग 4.0और आपदा प्रबंधन शामिल हैं। ये नवाचार, जो भारत के प्रमुख संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएससी और अग्रणी अनुसंधान प्रणालियों में विकसित हुए हैं, भारत की शैक्षणिक बुनियाद से उभरने वाली अगली पीढ़ी की विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्री-समिट में निम्नलिखित को एक साथ लाया जाएगा:
यह समन्वय प्रधानमंत्री के समग्र इकोसिस्टम दृष्टिकोण पर जोर देने को दर्शाता है, जहां शिक्षा जगत, सरकार और उद्योग निर्बाध रूप से सहयोग करते हैं। यह आयोजन भारत के वैश्विक नवाचार प्रतिनिधिमंडल के लिए राष्ट्रीय चयन और लॉन्चपैड के रूप में कार्य करेगा। सुनियोजित प्रस्तुति सत्रों, निवेशकों के साथ जुड़ाव और उद्योग साझेदारी के माध्यम से, यह आयोजन भारतीय स्टार्टअप्स को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल 3-9) से वैश्विक स्तर पर तैनाती और विस्तार तक पहुंचने में तेजी लाएगा। अपेक्षित परिणाम इस प्रकार हैं:
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) राष्ट्रीय विकास के केंद्र में नवाचार को रखती है। भारत 2047 तक एक विकसित भारत बनने की दिशा में अग्रसर है, ऐसे में भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट इस बात की घोषणा है कि भारत के विश्वविद्यालय अब केवल कक्षाओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि भविष्य को परिभाषित करने वाली प्रौद्योगिकियों को सक्रिय रूप से आकार दे रहे हैं।
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