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08/30/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/29/2026 17:37

सीएनजी महंगी: कैब चालकों की कमाई पर कैंची, यात्रियों में बढ़ा किराये का डर, ऑटो-टैक्सी हड़ताल की चेतावनी

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सीएनजी महंगी: कैब चालकों की कमाई पर कैंची, यात्रियों में बढ़ा किराये का डर, ऑटो-टैक्सी हड़ताल की चेतावनी

Sun, 30 Aug 2026 04:16 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Sun, 30 Aug 2026 04:16 AM IST
सार

आईजीएल ने कीमत बढ़ाने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की बढ़ती लागत और आपूर्ति पर दबाव को प्रमुख कारण बताया है। दिल्ली में इस साल की शुरुआत की तुलना में सीएनजी की कीमत करीब 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुकी है।

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दिल्ली में सीएनजी महंगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दिल्ली में सीएनजी के दाम बढ़ने से कैब और ऑटो चालकों की कमाई का गणित बिगड़ गया है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने सीएनजी की कीमत 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़ा दी है। शनिवार सुबह छह बजे से लागू नई दर के बाद दिल्ली में सीएनजी 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसका सबसे सीधा असर उन एप आधारित कैब चालकों पर पड़ा है, जिन्हें ईंधन का खर्च तो अपनी जेब से उठाना पड़ता है, लेकिन यात्रियों से लिया जाने वाला किराया तय करने का अधिकार नहीं है।

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आईजीएल ने कीमत बढ़ाने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की बढ़ती लागत और आपूर्ति पर दबाव को प्रमुख कारण बताया है। दिल्ली में इस साल की शुरुआत की तुलना में सीएनजी की कीमत करीब 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुकी है। वहीं, चालकों का कहना है कि रोजाना 200 से 250 किलोमीटर तक गाड़ी चलाने के बाद सीएनजी पर होने वाला अतिरिक्त खर्च सीधे उनकी बचत को कम करता है। वाहन की ईएमआई, सर्विस, बीमा और घर के खर्च पहले से हैं। ऐसे में ईंधन की कीमत में हर बढ़ोतरी उनके लिए कमाई और खर्च के बीच का अंतर और छोटा कर देती है।
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चार रुपये की बढ़ोतरी, महीने में हजारों का असर
सीएनजी की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी भले ही छोटी दिखाई दे, लेकिन ज्यादा किलोमीटर चलने वाले चालकों के लिए इसका असर बड़ा है। रोज 10 किलो सीएनजी खर्च करने वाले चालक को करीब 39 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। 15 किलो पर यह रकम 58 रुपये और 20 किलो पर करीब 78 रुपये रोज पहुंच जाएगी। यानी महीने में अतिरिक्त खर्च करीब 1,167 से 2,334 रुपये तक हो सकता है।
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यात्रियों को भी सता रही किराया बढ़ने की चिंता
सीएनजी महंगी होने के बाद यात्रियों को अब कैब किराया बढ़ने की आशंका सताने लगी है। रोज कैब से दफ्तर आने-जाने वाले रवि के मुताबिक, पहले से ही रोजाना परिवहन पर काफी खर्च होता है। ईंधन महंगा होने के बाद अगर कैब किराया बढ़ा तो मध्यवर्गीय परिवारों का मासिक बजट और बिगड़ेगा। वहीं अमित वर्मा ने कहा कि सीएनजी कार को अब तक पेट्रोल के मुकाबले किफायती विकल्प माना जाता था। कीमत लगातार बढ़ने से निजी वाहन चलाने का खर्च भी बढ़ रहा है।

माल ढुलाई भी हो सकती है महंगी
दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में छोटे मालवाहक वाहन सीएनजी से चलते हैं। ये वाहन फैक्ट्रियों, दुकानों, गोदामों और ट्रांसपोर्ट हब के बीच सामान पहुंचाते हैं। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर के मुताबिक, माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका असर आगे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

किराया नहीं बढ़ता, खर्च लगातार बढ़ रहा
कई गाड़ी चालक 200 से 250 किलोमीटर तक गाड़ी चलाते हैं। सीएनजी महंगी होने का सीधा असर हमारी जेब पर पड़ता है। एप का किराया वही रहता है, लेकिन ईंधन का खर्च बढ़ जाता है। -सुदेश

करीब चार रुपये किलो की बढ़ोतरी छोटी लगती है, लेकिन नोएडा-दिल्ली रूट पर कैब चलाने में कई किलो गैस की खपत होती है। महीने भर का हिसाब लगाएं तो दो हजार रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। -अनिल

सीएनजी गाड़ी की ईएमआई, सर्विस और घर का खर्च सब निकालना पड़ता है। किराया नहीं बढ़ रहा, लेकिन खर्च बढ़ता ही जा रहा है। आखिर इसका बोझ चालक ही क्यों उठाएं? -इमरान अहमद

पहले पेट्रोल महंगा था तो सीएनजी को सस्ता विकल्प मानकर गाड़ी ली थी। अब सीएनजी भी लगातार महंगी हो रही है। महीने के अंत में कमाई और खर्च का अंतर कम होता जा रहा है। -उत्सव

ऑटो-टैक्सी हड़ताल की चेतावनी
ईंधन की बढ़ती कीमत और लंबे समय से निर्धारित किराये में संशोधन नहीं होने से नाराज ऑटो-टैक्सी चालक संगठनों ने दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल की चेतावनी दी है। अलग-अलग संगठनों ने सात से नौ सितंबर के बीच हड़ताल की घोषणा की है।

यदि सभी संगठन अपने फैसले पर कायम रहते हैं तो दिल्ली-एनसीआर में ऑटो और टैक्सियों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। संगठनों का दावा है कि करीब एक लाख चालक इसमें शामिल होंगे।
ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन और ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस प्रकोष्ठ ने सात और आठ सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन सोमवार को उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त और दिल्ली पुलिस आयुक्त को इसकी औपचारिक सूचना देंगे। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) समर्थित ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने नौ सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।

2023 के बाद से ऑटो-टैक्सी किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई
चालक संगठनों के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों के अलावा वाहन रखरखाव, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और किस्त का खर्च भी बढ़ा है। उनका कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद वर्ष 2023 के बाद से निर्धारित ऑटो-टैक्सी किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई है। संगठन मौजूदा लागत के अनुरूप किराये की तत्काल समीक्षा की मांग कर रहे हैं।

कल्याण बोर्ड के गठन की भी मांग
बीएमएस समर्थित संगठनों ने किराया बढ़ाने के अलावा चालक कल्याण बोर्ड के गठन समेत अन्य मांगें भी उठाई हैं। ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सोनी के अनुसार, मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से बैठक के लिए करीब डेढ़ वर्ष से समय मांगा जा रहा है, लेकिन अब तक मुलाकात नहीं हो सकी है।

संगठनों का कहना है कि सरकार ने चालक कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की थी, पर इसका गठन नहीं हुआ। उनके मुताबिक बोर्ड बनने से चालकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

Amar Ujala Ltd published this content on August 30, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 29, 2026 at 23:38 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]