Amar Ujala Ltd

07/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/25/2026 02:37

US: एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर शुल्क को लेकर ट्रंप को झटका, अमेरिकी अदालत ने क्यों खारिज की अपील

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US: एच-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर शुल्क को लेकर ट्रंप को झटका, अमेरिकी अदालत ने क्यों खारिज की अपील?

Sat, 25 Jul 2026 12:44 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 25 Jul 2026 12:44 PM IST
सार

US: एच-1बी वीजा पर 1 लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लागू करने की ट्रंप प्रशासन की कोशिश को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपीलीय अदालत ने निचली कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की सरकार की अपील खारिज कर दी। जानिए अदालत ने अपने फैसले में क्या कहा।

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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार

अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने ट्रंप प्रशासन की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। निचली अदालत ने एच-1बी वीजा पर 1 लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क रद्द करने का आदेश दिया था।
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बोस्टन स्थित प्रथम सर्किट अपीलीय अदालत की तीन जजों की पीठ ने अमेरिकी जिला जज लियो टी. सोरोकिन के 8 जून के फैसले पर रोक लगाने की ट्रंप प्रशासन की मांग खारिज कर दी। निचली अदालत ने इस शुल्क को कांग्रेस (संसद) की मंजूरी के बिना लगाया गया गैरकानूनी कर बताया था।
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पीठ ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा, हम इस अदालत में अपील लंबित रहने तक जिला अदालत के 8 जून के आदेश और उससे जुड़े फैसले पर रोक लगाने की प्रतिवादियों की मांग खारिज करते हैं। जजों ने 20 डेमोक्रेट शासित राज्यों की इस दलील से सहमति जताई कि यहां सवाल यह नहीं है कि कांग्रेस ऐसा अधिकार दे सकती है या नहीं। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस ने वास्तव में ऐसा अधिकार दिया भी है।
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ये भी पढ़ें: अमेरिका में H-1B पर तीन साल तक रोक लगाने की तैयारी?: सीनेट में पेश गया बिल; भारतीय पेशेवरों पर क्या होगा असर?

राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल की थी घोषणा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में एक घोषणा में नए एच-1बी वीजा के लिए 1 लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने का फैसला किया था।

एच-1बी वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियां ऐसे विदेशी कर्मचारियों को नौकरी दे सकती हैं, जिनके पास विशेष क्षेत्रों में काम करने के लिए सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता होती है। अमेरिकी तकनीकी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इस वीजा पर निर्भर रहती हैं।

अपीलीय अदालत ने क्या कहा?
  • अपीलीय अदालत ने 1989 में आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट दिखाना होगा कि कांग्रेस ने शुल्क या कर लगाने का अधिकार साफ तौर पर दिया है।
  • अदालत ने कहा, ट्रंप प्रशासन यह नहीं बता पाया कि इस मामले में इस स्पष्ट मानक की जरूरत क्यों नहीं है।
  • अदालत ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन यह साबित नहीं कर सका कि अगर उसकी मांग खारिज होती है, तो शिकायत करने वाले राज्यों को बड़ा नुकसान नहीं होगा।
  • आदेश में कहा गया कि प्रतिवादियों ने केवल इतना कहा कि शिकायत करने वाले राज्यों को बहुत कम नुकसान होगा, लेकिन इस दलील के समर्थन में कोई ठोस तर्क नहीं दिया।

हर साल कितने एच-1बी वीजा जारी करता है अमेरिका?
अमेरिका हर साल 65 हजार एच-1बी वीजा जारी करता है। इसके अलावा, उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए 20 हजार अतिरिक्त वीजा भी जारी किए जाते हैं। इन वीजा के लिए आमतौर पर 2 हजार से 5 हजार अमेरिकी डॉलर तक का शुल्क लिया जाता है।
Amar Ujala Ltd published this content on July 25, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on July 25, 2026 at 08:38 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]