03/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/10/2026 23:39
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र की प्रगति और कल्याण के लिए सामूहिक शक्ति और संकल्प पर जोर देने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:
"स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।
पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है। अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।
इस सुभाषितम् का संदेश है कि हम सूर्य और चंद्रमा के समान निरंतर शुभ मार्ग पर चलते रहें। हम परस्पर अहिंसा, सद्भाव और ज्ञान के साथ मिलकर आगे बढ़ें तथा एक-दूसरे के सहयोग से उन्नति और कल्याण की ओर अग्रसर हों।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा;
"भारतवासियों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है। अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।
स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।
पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥"
भारतवासियों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है। अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।
स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।
पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥ pic.twitter.com/4ilsLCTmRO
***
पीके/केसी/पीकेपी