Amar Ujala Ltd

08/25/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/24/2026 23:35

US: अमेरिका ने कसा ईरान पर शिकंजा, भारत की चार कंपनियों पर भी प्रतिबंध; पेट्रोलियम कारोबार से जुड़ा है मामला

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US: अमेरिका ने कसा ईरान पर शिकंजा, भारत की चार कंपनियों पर भी प्रतिबंध; पेट्रोलियम कारोबार से जुड़ा है मामला

Tue, 25 Aug 2026 10:52 AM IST
शिवम गर्ग एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 25 Aug 2026 10:52 AM IST
सार

अमेरिका ने ईरान से जुड़े पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल कारोबार के आरोप में भारत की चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत की गई। फिलहाल संबंधित कंपनियों की ओर से अमेरिकी कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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व्हाइट हाउस - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिका ने ईरान से जुड़े पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल कारोबार तथा खरीद नेटवर्क में कथित भूमिका को लेकर भारत की चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान की सैन्य गतिविधियों, खरीद नेटवर्क और पेट्रोलियम-पेट्रोकेमिकल कारोबार को निशाना बनाने वाले 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत की गई है।

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अमेरिकी विदेश विभाग ने जिन भारतीय कंपनियों का नाम लिया है, उनमें पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी, सदाशिवा ओवरसीज लिमिटेड, पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृतीज इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। अमेरिका ने इन कंपनियों पर ईरानी मूल के पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल उत्पादों के कारोबार में शामिल होने के आरोप लगाए हैं।
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पोर्टईज पार्टनर्स पर क्या आरोप लगाया गया?

अमेरिकी विदेश विभाग का दावा है कि पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी ने ईरान से भारत में कई खेपों में पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात में मदद की। विभाग ने इसके दो नामित साझेदारों के तौर पर भारतीय नागरिक इंद्रिस्मिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रंगी का भी उल्लेख किया है।

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सदाशिवा ओवरसीज पर कितने कारोबार का आरोप?

अमेरिका के मुताबिक, सदाशिवा ओवरसीज लिमिटेड ने फरवरी 2024 से जून 2025 के बीच कई कंपनियों से करीब 6.9 करोड़ डॉलर मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पाद आयात किए। इनमें अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आ चुकी कंपनी बोनजोर कमोडिटी एफजेडई भी शामिल बताई गई है।


अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि कंपनी को ईरान से पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, परिवहन या विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण लेनदेन में कथित तौर पर जानबूझकर शामिल होने के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है।

पीपी सॉफ्टटेक पर क्या कहा अमेरिका ने?

अमेरिकी विदेश विभाग ने पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड पर भी ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का आरोप लगाया है। विभाग के अनुसार, कंपनी ने जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच करीब 2.5 करोड़ डॉलर मूल्य के ऐसे उत्पाद आयात किए। कंपनी के निदेशक के तौर पर भारतीय नागरिक प्रशांत गर्ग का नाम भी जारी किए गए विवरण में शामिल है।

प्रकृतीज इंफ्रा पर भी लगा प्रतिबंध

अमेरिका ने प्रकृतीज इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भी कार्रवाई के दायरे में रखा है। अमेरिकी विदेश विभाग का आरोप है कि कंपनी ने मई 2023 से फरवरी 2026 के बीच विभिन्न कंपनियों से करीब 2.5 करोड़ डॉलर मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पाद आयात किए। अमेरिकी कार्रवाई का व्यापक उद्देश्य ईरान के पेट्रोलियम राजस्व पर अंकुश लगाना और उन नेटवर्क को बाधित करना है, जिनके जरिए ईरान की सैन्य गतिविधियों और खरीद व्यवस्था को कथित तौर पर मदद मिलती है।



अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत यह कार्रवाई ईरान से जुड़े सैन्य, खरीद और ऊर्जा कारोबार पर दबाव बढ़ाने की व्यापक अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल, अमेरिकी घोषणा पर इन भारतीय कंपनियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Amar Ujala Ltd published this content on August 25, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 25, 2026 at 05:35 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]