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08/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/05/2026 01:33

राजस्थान में शिक्षकों का गुस्सा फूटा: शिक्षा संकुल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी, समान काम व वेतन की मांग

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राजस्थान में शिक्षकों का गुस्सा फूटा: शिक्षा संकुल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी, समान काम व वेतन की मांग

Wed, 05 Aug 2026 11:59 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Wed, 05 Aug 2026 11:59 AM IST
सार

जयपुर के शिक्षा संकुल में व्यावसायिक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। शिक्षक स्थायी जॉब पॉलिसी, ठेका प्रथा समाप्त करने, लंबित वेतन भुगतान और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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शिक्षा मंत्री से गुहार लगाते हुए ठेका प्रथा शिक्षक - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राजस्थान के शिक्षा संकुल में व्यावसायिक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे रहे। आंदोलनकारी शिक्षकों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग व्यावसायिक शिक्षकों के लिए स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करना है, ताकि वर्षों से चली आ रही अस्थिरता और ठेका व्यवस्था का स्थायी समाधान हो सके।
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सभी समस्याएं विस्तार से रखी गईं
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा मंत्री के समक्ष उनकी सभी प्रमुख समस्याएं विस्तार से रखी गईं, लेकिन उन्हें कोई ठोस आश्वासन या लिखित निर्णय नहीं मिला। वार्ता से निराश होकर सभी शिक्षक दोबारा शिक्षा संकुल स्थित धरना स्थल पर लौट आए और भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।
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पांच से 14 माह तक वेतन नहीं मिला
आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से ठेका प्रथा के कारण व्यावसायिक शिक्षक असुरक्षा, आर्थिक संकट और शोषण का सामना कर रहे हैं। कई शिक्षकों को पांच से 14 माह तक वेतन नहीं मिला, जबकि बीच शैक्षणिक सत्र में 2,502 व्यावसायिक शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि इसका प्रतिकूल असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ा है।
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ये है कर्मचारियों की मांग
शिक्षकों ने मांग की है कि ठेका प्रथा समाप्त कर विभाग के माध्यम से सीधी नियुक्ति की जाए, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए, लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए तथा निजी एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आंदोलनकारी शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मामले में हाईकोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है। उनका कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ा है और सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

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सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील
शिक्षकों का कहना है कि भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के बावजूद उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं लेती। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द वार्ता शुरू कर व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े हजारों शिक्षकों और लाखों विद्यार्थियों के हित में स्थायी समाधान निकालने की अपील की है।
Amar Ujala Ltd published this content on August 05, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 05, 2026 at 07:34 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]