Amar Ujala Ltd

10/09/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/08/2026 18:50

इंडिया मोबाइल कांग्रेस: टाटा एल्क्सी का ड्रोन सिस्टम, इनवास की स्मार्ट खेती; एआई संचालित नेटवर्क का दिखा क्रेज

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इंडिया मोबाइल कांग्रेस: टाटा एल्क्सी का ड्रोन सिस्टम, इनवास की स्मार्ट खेती; एआई संचालित नेटवर्क का दिखा क्रेज

हिमांशु अरविंद मिश्र
Updated Fri, 09 Oct 2026 05:54 AM IST
सार

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में ड्रोन सिस्टम, स्मार्ट खेती और एआई आधारित नेटवर्क जैसी नई तकनीकों ने ध्यान खींचा। टाटा एल्क्सी और इनवास की तकनीकें क्या आने वाले समय में रोजमर्रा के काम और खेती का तरीका बदल देंगी? पढ़ें इस रिपोर्ट में।

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एलेक्सा प्लस से आसान होगी जिंदगी, जियो के चश्मे से कर सकेंगे यूपीआई भुगतान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार

यशोभूमि में चल रही इंडिया मोबाइल कांग्रेस में इस बार सिर्फ तेज इंटरनेट या नए मोबाइल की बात नहीं हो रही है। यहां ऐसी तकनीकें दिखाई जा रही हैं जो आने वाले समय में रोजमर्रा की जिंदगी को आसान कर सकती हैं।
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अमेजन का नया एलेक्सा प्लस बातचीत समझकर घर और ऑफिस के ज्यादातर काम करने लगा है, रिलायंस जियो के एआई स्मार्ट चश्मे में बिना मोबाइल निकाले यूपीआई भुगतान और लाइव ट्रांसलेशन जैसी सुविधाएं दिखाई गई हैं। वहीं मोबाइल नंबर की पहचान के लिए एसएमएस ओटीपी पर निर्भरता घटाने, नेटवर्क की खराबी पहले पकड़ने, ड्रोन को हवा में सुरक्षित तरीके से चलाने और खेती में सेंसर के इस्तेमाल जैसी तकनीकें भी प्रदर्शित की जा रही हैं।
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प्रदर्शनी में अमेजन के नए एलेक्सा प्लस का काफी क्रेज देखने को मिला। एआई पर आधारित एलेक्सा प्लस घर और ऑफिस के ज्यादातर काम को आसान कर सकती है। पहले एलेक्सा प्लस से गाना चलाने, अलार्म लगाने, मौसम के बारे में पूछने या घर के उपकरण चलाने जैसे काम लिए जाते थे। नया एलेक्सा प्लस इससे आगे बढ़कर बातचीत के मायने समझकर काम पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। भारत में यह हिंदी, हिंग्लिश और इंग्लिश समझता है। एक ही बातचीत में भाषा बदलने पर भी यह संदर्भ समझ सकता है। इससे खरीदारी की सूची बनाने, कार्यक्रम याद दिलाने, खाना बनाने की योजना बनाने, संगीत खोजने और घर के दूसरे उपकरण चलाने जैसे काम बातचीत के जरिये किए जा सकते हैं। आगे रेस्टोरेंट में टेबल बुक करने और ट्रिप की योजना बनाने जैसे काम भी एलेक्सा प्लस के जरिये किए जा सकेंगे।
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चश्मे से अब बातचीत भी होगी
रिलायंस जियो ने एआई वाले स्मार्ट चश्मे की तकनीक दिखाई है। इसमें कैमरा और एआई की मदद से सामने मौजूद चीजों को समझने की क्षमता विकसित की गई है। कंपनी की ओर से दिखाए गए चश्मे में यूपीआई भुगतान, लाइव ट्रांसलेशन और बातचीत जैसी सुविधाएं शामिल हैं। भविष्य में किसी दुकान पर भुगतान करने के लिए हर बार मोबाइल निकालकर क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत खत्म हो सकती है। चश्मा सामने की चीज को समझकर उससे जुड़े काम में मदद कर सकेगा।

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ओटीपी की जगह मोबाइल नेटवर्क करेगा पहचान
टेलिन और आईपीफिकेशन ने ऐसी तकनीक दिखाई है जिसमें मोबाइल नंबर की पुष्टि के लिए बार-बार पासवर्ड या एसएमएस ओटीपी डालने की जरूरत कम हो सकती है। इसमें मोबाइल ऑपरेटर के नेटवर्क और सिम से जुड़ी जानकारी के आधार पर उपयोगकर्ता की पहचान की पुष्टि की जाती है। इसमें साइलेंट नंबर वेरिफिकेशन, टीएस.43 सिम वेरिफिकेशन और सिम-स्वैप इंटेलिजेंस जैसी तकनीकें शामिल हैं। इनवास टेक्नोलॉजीज ने इंटरनेट और सेंसर पर आधारित स्मार्ट खेती की तकनीक प्रदर्शित की है।

एआई नेटवर्क खुद पकड़ेंगे अपनी खराबी
टेलीकॉम कंपनियों और तकनीकी कंपनियों का अगला बड़ा फोकस एआई आधारित नेटवर्क पर है। एचसीएलटेक ने ऐसे समाधान प्रदर्शित किए हैं जिनमें एआई की मदद से नेटवर्क की निगरानी, सेवा की गुणवत्ता सुधारने और नेटवर्क को ज्यादा स्वचालित बनाने पर काम किया जा रहा है। वहीं एरिक्सन ने 5जी, एआई और 6जी से जुड़ी तकनीकें प्रदर्शित की हैं।
Amar Ujala Ltd published this content on October 09, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on October 09, 2026 at 00:50 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]