Amar Ujala Ltd

10/22/2026 | Press release | Distributed by Public on 10/21/2026 17:50

डाटा चोरी का खतरा: ई-मुद्रा के आठ सर्टिफिकेट में खामी, चार कंपनियों ने किया ब्लॉक; सरकार बोली-देश में असर कम

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डाटा चोरी का खतरा: ई-मुद्रा के आठ सर्टिफिकेट में खामी, चार कंपनियों ने किया ब्लॉक; सरकार बोली-देश में असर कम

Thu, 22 Oct 2026 05:12 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 22 Oct 2026 05:12 AM IST
सार

ई-मुद्रा के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई है। गूगल, एपल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला ने इन्हें ब्लॉक किया। वहीं, एसबीआई के 3,897 ग्राहकों के डाटा लीक होने की आशंका की जांच जारी है।

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ई-मुद्रा के 8 डिजिटल सर्टिफिकेट में सुरक्षा खामी - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

भारतीय डिजिटल सर्टिफिकेट कंपनी ई-मुद्रा के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई है। इनकी सिक्योरिटी-की कमजोर होने से हमलावर किसी भी वेबसाइट का फर्जी सर्टिफिकेट बना सकते थे। इससे यूजर्स और वेबसाइट के बीच भेजे जाने वाले डाटा को चुराने या बदलाव का खतरा था।

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। वैसे सरकार ने दावा किया कि इसका भारत के वेबसाइटों और ऐप्स पर असर न्यूनतम है। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) और ई-साइन सेवाएं इससे प्रभावित नहीं हैं।
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दूसरी ओर, चार बड़ी कंपनियों गूगल, एपल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला ने प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक कर दिया है। क्लाउड फ्लेयर ने 19 अक्तूबर रात 10 बजे के बाद इस खामी की पहचान की। हालांकि, कंपनी को इन सर्टिफिकेट के दुरुपयोग का कोई सबूत नहीं मिला।
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वेबसाइट की पहचान के लिए जरूरी होते हैं सर्टिफिकेट
ई-मुद्रा डिजिटल ट्रस्ट और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी भारतीय कंपनी है। यह डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करती है, जो वेबसाइट की पहचान सत्यापित करने में मदद करते हैं। यदि सर्टिफिकेट जारी करने वाली संस्था की सुरक्षा में गंभीर खामी हो, तो हमलावर फर्जी सर्टिफिकेट के जरिये किसी वेबसाइट की नकल कर सकते हैं।

अप्रैल, 2025 में बनी सर्टिफिकेट चेन की जांच
ई-मुद्रा ने सुरक्षा संबंधी घटना को स्वीकार करते हुए कहा कि वह अप्रैल, 2025 में आयोजित की-जनरेशन सेरेमनी (केजीसी) के दौरान बनाए गए कुछ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट की जांच कर रही है। कंपनी के मुताबिक, मामला केवल इन विशिष्ट इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट तक सीमित है। उसने प्रभावित सर्टिफिकेट के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।

एसबीआई के 3,897 ग्राहकों का डाटा लीक
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड लीक की आशंका की जांच शुरू कर दी है। इनमें पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम, लिंग, ईमेल पते और आवासीय पते जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल हैं। बैंक को इस संबंध में 16 अक्तूबर को भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) से सतर्कता संबंधी सूचनाएं मिली थीं। एसबीआई ने बुधवार को शेयर बाजार नियामक को बताया कि डार्क वेब पर उपलब्ध करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड के प्रारंभिक विश्लेषण में उसे 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड मिले।
Amar Ujala Ltd published this content on October 22, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on October 21, 2026 at 23:50 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]