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Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/07/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/07/2026 07:56

सीएक्यूएम प्रवर्तन कार्य बल एनसीआर में निरीक्षण परिणामों, प्रवर्तन कार्रवाइयों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा करता है

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

सीएक्यूएम प्रवर्तन कार्य बल एनसीआर में निरीक्षण परिणामों, प्रवर्तन कार्रवाइयों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा करता है

प्रविष्टि तिथि: 07 FEB 2026 6:26PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 125वीं बैठक 06.02.2026 को आयोजित की गई। इस बैठक में 20.01.2026 से 04.02.2026 तक की 16 दिवसीय अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में किए गए प्रवर्तन और निरीक्षण कार्यों की समीक्षा की गई। इस बैठक में आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा प्रमुख वायु प्रदूषण क्षेत्रों, जिनमें उद्योग, धूल, निर्माण संबंधी गतिविधियां, डीजल जनरेटर (डीजी) सेट और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) एवं बायोमास जलाने की घटनाएं शामिल हैं, में किए गए निरीक्षणों के परिणामों की व्यापक समीक्षा की गई।

रिपोर्टिंग अवधि के दौरान, एनसीआर में फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा कुल 739 निरीक्षण किए गए, जिनमें निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) क्षेत्र में 52 निरीक्षण, औद्योगिक क्षेत्र में 680 निरीक्षण और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों के उल्लंघन के लिए 7 निरीक्षण शामिल थे। इनमें से 336 उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनमें सी एंड डी क्षेत्र से 34, औद्योगिक क्षेत्र से 229 और डीजी सेटों से संबंधित 5 उल्लंघन शामिल हैं। इसके अलावा, 21 इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव दिया गया है, 53 इकाइयों के डीजी सेटों को सील करने का प्रस्ताव दिया गया है, 2 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए हैं और 63 रिपोर्टों की जांच चल रही है।

ग्रेटर नोएडा में 23.01.2026 और गुरुग्राम में 05.02.2026 को विशेष सड़क धूल निरीक्षण अभियान चलाए गए, जिनमें सड़क खंडों की यांत्रिक सफाई, जल छिड़काव और धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों के अनुपालन की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के निष्कर्षों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित एजेंसियों को विशेष रूप से व्यस्त यातायात और शाम के समय सड़क धूल नियंत्रण उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।

प्रवर्तन कार्य बल ने निरीक्षण टीमों द्वारा रिपोर्ट किए गए उल्लंघनों की प्रकृति और सीमा की समीक्षा की, विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों में पाए गए गंभीर उल्लंघनों की, और प्रस्तावित प्रवर्तन कार्रवाइयों की जांच की, जिनमें बंद करने के निर्देश जारी करना, डीजी सेटों को सील करना आदि शामिल हैं। रिपोर्टिंग अवधि के दौरान निरीक्षण टीमों के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई, जिसमें निरंतरता, व्यापकता और उल्लंघनों की समय पर रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया।

कार्य बल ने 06.02.2026 तक की अद्यतन संचयी प्रवर्तन स्थिति की समीक्षा की। आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा अब तक कुल 25,975 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर, अनुपालन न करने के लिए 1,661 बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें से, संबंधित इकाइयों द्वारा अनुपालन के सत्यापन के बाद 1,278 पुनः प्राप्ति आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि शेष 260 संस्थाओं के संबंध में पुनः प्राप्ति आदेशों की प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है।

आयोग ने राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए निरंतर प्रवर्तन, उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई और सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। जमीनी स्तर पर सतर्कता बढ़ाने, कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा समय पर सुधारात्मक कार्रवाई करने और आयोग द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

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पीके/केसी/एनकेएस/ डीके


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