ईरान ने रविवार को कहा कि अधिकृत देशों के जो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरेंगे, उन्हें अब तेहरान को सेवा शुल्क देना होगा। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह शुल्क समुद्री, पर्यावरण और लॉजिस्टिक से जुड़ी कई तरह की सेवाओं के लिए लिया जाएगा।
सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक, यह फैसला 'होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कार्रवाई' योजना के अनुच्छेद 3 को मंजूरी मिलने के बाद लिया गया है।
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रेजाई ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग ने इस योजना के अनुच्छेद 3 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति पाने वाले देशों के जहाजों को ईरान की ओर से दी जाने वाली सेवाओं का भुगतान करना होगा।
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उन्होंने कहा कि इन सेवाओं में जहाजों की आवाजाही के लिए मदद, पर्यावरण से जुड़ी सेवाएं, कुछ परिस्थितियों में ईंधन, बीमा, सुरक्षा और दूसरी सेवाएं शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि भुगतान के लिए लचीली वित्तीय व्यवस्था तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि शुल्क ईरानी रियाल या इस्लामी गणराज्य ईरान की ओर से पसंद की जाने वाली किसी दूसरी मुद्रा में लिया जा सकता है।
इससे पहले शनिवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। उन्होंने कहा था कि जब तक अमेरिका अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करता और अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक यह जलमार्ग दोबारा नहीं खोला जाएगा।
आईआरआईबी को दिए इंटरव्यू में रेजाई ने कहा कि अमेरिकी दावों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और अमेरिका का रवैया ठीक होने तक यह नहीं खुलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार अमेरिका को पहले अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।
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रेजाई ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका सैन्य विकल्पों से निराश हो चुका है और अब आर्थिक नाकाबंदी के जरिये ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भरोसा दिलाया है कि आर्थिक नाकाबंदी ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर देगी।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा किया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को 'न्यू यूएस टेरिटरी' यानी 'नया अमेरिकी क्षेत्र' बताया गया है। ट्रंप ने इससे पहले 18 अगस्त को एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने यही तस्वीर साझा की थी।