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08/04/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/04/2026 08:53

राज्यसभा चुनाव विवाद: मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, तीनों नवनिर्वाचित सांसदों को नोटिस जारी

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राज्यसभा चुनाव विवाद: मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, तीनों नवनिर्वाचित सांसदों को नोटिस जारी

Tue, 04 Aug 2026 07:35 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 04 Aug 2026 07:35 PM IST
सार

राज्यसभा चुनाव में नामांकन निरस्त होने के खिलाफ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

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नियम के विपरीत निरस्त किया गया राज्यसभा नामांकन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राज्यसभा सदस्य का नामांकन निरस्त किए जाने को चुनौती देते हुए कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन की तरफ से हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति बी.पी. शर्मा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश से निर्वाचित तीनों राज्यसभा सदस्यों सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

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नटराजन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि तेलंगाना की एक अदालत में एक महिला द्वारा दायर निजी परिवाद में मीनाक्षी नटराजन को प्रतिवादी बनाया गया था। इसी कारण अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया था। याचिका के अनुसार उनके खिलाफ न तो कोई आपराधिक मामला दर्ज था और न ही कोई आपराधिक मुकदमा विचाराधीन था।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने नियमों के विपरीत जल्दबाजी में कार्रवाई करते हुए यह कहते हुए नामांकन निरस्त कर दिया कि उन्होंने न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी छिपाई है।

याचिका में मध्य प्रदेश से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवट समेत केन्द्रीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त, रिटर्निंग अधिकारी, प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश विधान सभा तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य चुनाव आयोग को अनावेदक बनाया गया है। वहीं इस मामले में मीनाक्षी नटराजन का कहना है कि उन्होंने सुनवाई के दौरान रिटर्निंग अधिकारी को स्पष्ट किया था कि संबंधित परिवाद में उनके खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं है। उन्हें केवल औपचारिक रूप से प्रतिवादी बनाया गया है। इसके बावजूद उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया, जो नियमों के विपरीत है। मीनाक्षी ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर की इस हरकत से उन्हें राज्यसभा नामांकन से वंचित होना पड़ा। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता व आर्यन गुप्ता ने पैरवी की।
Amar Ujala Ltd published this content on August 04, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 04, 2026 at 14:53 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]