08/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/05/2026 01:34
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
यह खबर एप पर पढ़ें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉगिन करेंकेंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को असम के शिवसागर जिले में बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उनके साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी थे। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए हर संभव मदद देगी।
नड्डा ने क्या कहा?
बाढ़ प्रभावित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा 'भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से, मैं हिमंत बिस्वा सरमा और आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य को पूरी आर्थिक मदद दी जा रही है। केंद्र की टीमें यहां हुए नुकसान का जायजा ले रही हैं। हम पुनर्वास के कामों में पूरी तरह जुटे हुए हैं।'
'केंद्र असम के साथ खड़ा रहेगा'
आगे उन्होंने कहा,'मुझे मुख्यमंत्री के साथ शिवसागर जाने का मौका मिला। मैंने नुकसान का दायरा देखा है। पूरे के पूरे गांव प्रभावित हुए हैं। लोगों के घर उजड़ गए हैं। इसके साथ ही फसलें और संपत्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हमने लोगों को हो रही दिक्कतों पर चर्चा की। राहत का काम जारी है। यह प्रभावित इलाकों तक पहुंचा है। भारत सरकार की ओर से मदद में कोई कमी नहीं होगी। चाहे आर्थिक मदद हो, नुकसान का मुआवजा हो या पुनर्वास, केंद्र असम के साथ खड़ा रहेगा। हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ऊपरी असम के कई इलाके इस मॉनसून के दौरान आई सबसे भयानक बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। लगातार बारिश और नदियों के उफान से गांवों में पानी भरने के कारण शिवसागर जिले, खासकर नजीरा सब-डिविजन और उससे सटे बिहुबोर नेपाली खुटी इलाके में बड़े पैमाने पर बाढ़ आई, जमीन का कटाव हुआ और खेती की जमीन को भारी नुकसान पहुंचा है।
को-डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर ने क्या बताया?
इससे पहले, नजीरा की को-डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर प्रतिभा मेश्राम ने एएनआई को बताया कि हालांकि ज्यादातर इलाकों में बाढ़ की स्थिति काबू में आ गई है, लेकिन 23 जगहों पर अभी भी असर है। इनमें नेपाली खुटी सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक है, जहां लोगों को फिर से बसाने की जरूरत पड़ सकती है।
मेश्राम ने यह भी कहा कि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चार-पांच लोग लापता हैं और 26-27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों में बदलाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन मौसम की रोजाना जानकारी के लिए नागालैंड के पहाड़ी इलाकों के अधिकारियों के संपर्क में है, क्योंकि ऊपरी इलाकों में हो रही बारिश का असर असम में बाढ़ की स्थिति पर पड़ रहा है।