09/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/12/2026 03:15
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इबोला वायरस का संक्रमण अफ्रीकी देशों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है, विशेषतौर पर साउथ अफ्रीकी देश डेमोक्रैटिक रिपब्लिक कांगो (डीआरसी) इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देखा जा रहा है। मार्च-अप्रैल के दौरान शुरू हुआ संक्रमण अब एक भयानक महामारी का रूप लेता जा रहा है। 15 मई 2026 को इबोला के मौजूदा प्रकोप की आधिकारिक तौर पर घोषणा की गई थी, इसके बाद से लगातार संक्रमण का घातक रूप देखा जा रहा है।
बुंडिबुग्यो स्ट्रेन बना सबसे बड़ा खतरा
मेडिकल रिपोर्टस से पता चलता है कि करीब 5-6 महीनों से चल रहे इस प्रकोप के लिए बुंडिबुग्यो स्ट्रेन को जिम्मेदार माना जा रहा है। यहां संक्रमण की रोकथाम को लेकर फिलहाल चल रही कोशिशें इतनी पर्याप्त नहीं हैं कि वायरस का फैलना पूरी तरह रोका जा सके।
इबोला पर काम करने वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी कहना है कि इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए अब और तेज और जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अभी बुंडीबुग्यो के लिए कोई लाइसेंस-प्राप्त वैक्सीन या खास इलाज भी मौजूद नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस महामारी को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है इसके लिए चार कारणों को जिम्मेदार माना जा सकता है।
क्यों नियंत्रित नहीं हो पा रहा है ये संक्रमण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह प्रकोप ऐसे इलाकों में फैल रहा है जहां हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। प्रभावित क्षेत्र बहुत बड़े और दूर-दराज के हैं। कई जगह सुरक्षा की स्थिति भी ठीक नहीं है। बारिश के मौसम में खराब सड़कों के कारण छोटी दूरी तय करने में भी पूरा दिन या उससे ज्यादा समय लग सकता है।
इसका सीधा असर मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के पहुंचने, जांच के सैंपल प्रयोगशाला तक लाने, संक्रमित लोगों की पहचान करने और समय पर इलाज शुरू करने पर पड़ता है।
संक्रमण की रफ्तार में कमी, फिर भी चुनौतियां
महामारी से जुड़े कुछ आंकड़े भी उम्मीद जगाते हैं।
बीमारी के फैलने की रफ्तार मापने वाली दर में मई के मुकाबले काफी गिरावट आई है। मई में यह संख्या करीब 4.0 थी। इसका मतलब था कि औसतन एक संक्रमित व्यक्ति से करीब चार अन्य लोग संक्रमित हो रहे थे। अब यह संख्या घटकर एक से थोड़ी ज्यादा रह गई है। संक्रमण फैलने की रफ्तार में बड़ी कमी आई है, हालांकि बीमारी अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है।
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स्रोत:
DR Congo's Ebola outbreak spreads to 7th province as cases, deaths mount
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