बैंक यूनियनों के हड़ताल के कारण दिल्ली में तीन दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। इससे दिल्ली की बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, खाता संबंधी सेवाएं और दस्तावेज जमा करने जैसे काम रुक सकते हैं। बैंक से जरूरी काम कराने वाले ग्राहकों को हड़ताल से पहले ही अपने काम निपटाने की सलाह दी गई है।
हड़ताल का असर छोटे कारोबारियों और दुकानदारों पर भी पड़ सकता है। जिन कारोबारियों को रोजाना बैंक शाखाओं के जरिए नकद जमा करने, भुगतान करने या दूसरे बैंकिंग काम कराने पड़ते हैं, उन्हें दिक्कत हो सकती है। हालांकि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है।
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वॉयस ऑफ बैंकिंग के संस्थापक अशवनी राणा ने बताया कि बैंक कर्मचारियों की कई मांगें लंबित हैं। सरकार और बैंक कर्मचारियों के बीच 2024 में जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन्हें लागू किया जाना चाहिए। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना है। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 के वेतन समझौते के दौरान इस पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और 2024 में किए गए अन्य वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) में बदलाव को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि वित्तीय सेवा विभाग ने प्रोत्साहन नीति में बदलाव किया है। बातचीत के बाद सरकार ने पीएलआई योजना को फिलहाल रोक दिया है।
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राणा के अनुसार, इससे पहले 11 सितंबर को भी एक दिन की हड़ताल की गई थी। अब 28 से 30 सितंबर की तीन दिन की हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है। वहीं, 27 सितंबर, रविवार को बैंक खुलेंगे या बंद रहेंगे। इसको लेकर ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रविवार को खोलने का निर्देश दिया है। वहीं, बैंक अधिकारियों के एक संगठन ने अपने सदस्यों से रविवार को काम पर नहीं आने की अपील की है।
बैंक यूनियन की याचिका पर 28 तक फैसला लेने का निर्देश
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह सरकारी बैंक कर्मचारियों के यूनियन के प्रदर्शन स्थल संबंधी अनुरोध पर 28 सितंबर तक फैसला कर यूनियन को सूचित करे। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने कहा, प्रतिवादी प्राधिकरणों को निर्देश दिया जाता है कि वे सोमवार तक प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थल के अनुरोध पर विचार करें।
यह आदेश यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस दिल्ली स्टेट (यूएफबीयू) की याचिका पर पारित किया गया। यूनियन ने कोर्ट में कहा था कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल पर जाने वाले हैं। वे पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेटिव (पीएलआई) योजना पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।
यूएफबीयू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 28, 29 और 30 सितंबर को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरना लगाने की अनुमति मांगी थी। याचिका में पुलिस द्वारा अनुमति न देने और देरी का विरोध करते हुए कहा गया था कि अगर जंतर मंतर पर अनुमति नहीं दी जा सकती तो वैकल्पिक स्थान पर धरना लगाने की अनुमति दी जाए।