07/30/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/30/2026 01:07
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लॉगिन करेंअगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो जल्द कर लें। 31 जुलाई 2026 आईटीआर भरने की आखिरी तारीख है, जिन्हें टैक्स ऑडिट कराने की जरूरत नहीं होती। समय पर आईटीआर भरने से आपका टैक्स रिकॉर्ड सही रहता है, ज्यादा कटा हुआ टैक्स वापस (रिफंड) मिल सकता है और बाद में जुर्माने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है।
आईटीआर यानी इनकम टैक्स रिटर्न। यह एक फॉर्म होता है, जिसके जरिए आप आयकर विभाग को बताते हैं कि पूरे साल आपकी कितनी कमाई हुई, उस पर कितना टैक्स कटा या जमा हुआ और अगर ज्यादा टैक्स कट गया है तो उसका रिफंड भी इसी प्रक्रिया के जरिए मिलता है।
यह डेडलाइन इन लोगों के लिए है;
अगर आपकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और आप ITR-3 या ITR-4 भरते हैं, तो आपके लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है।
इन लोगों को आईटीआर जरूर दाखिल करना चाहिए;
फॉर्म 16 आपको अपनी कंपनी से मिलेगा, जबकि एआईएस और टीआईएस को आप सीधे इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं, जिसमें आपके पूरे साल के बैंक ब्याज और सभी बड़े वित्तीय लेन-देन का पूरा विवरण होता है। ध्यान रखें कि सिर्फ फॉर्म-16 के आधार पर आईटीआर न भरें। फॉर्म 26AS, एआईएस और टीआईएस में दी गई जानकारी से भी मिलान जरूर करें। इससे आय या टीडीएस की कोई जानकारी छूटने की संभावना कम रहती है और बाद में नोटिस या रिफंड में देरी जैसी परेशानी नहीं होती।
आयकर विभाग करदाताओं को आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के लिए दो तरीके उपलब्ध कराता है। पहला ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन। दोनों तरीकों में रिटर्न दाखिल करने के बाद उसका सत्यापन करना अनिवार्य होता है।
पहला तरीका: ऑनलाइन आईटीआर भरना
अगर रिटर्न भरते समय प्रक्रिया अधूरी रह जाती है, तो अगली बार लॉगिन करने पर सेव किए गए ड्राफ्ट से वहीं से प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है।
दूसरा तरीका: ऑफलाइन आईटीआर भरना
बहुत से लोग सोचते हैं कि फॉर्म जमा करते ही काम पूरा हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आईटीआर दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। रिटर्न दाखिल करने के बाद इनमें से किसी एक तरीके से सत्यापन किया जा सकता है।
अगर तुरंत सत्यापन नहीं करते हैं, तो बाद में ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर रिटर्न सत्यापित करें विकल्प के माध्यम से इसे पूरा किया जा सकता है। अगर ऑनलाइन सत्यापन नहीं किया जाता है, तो हस्ताक्षरित आईटीआर-वी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी), आयकर विभाग, बंगलूरू- 560500 भेजना होगा। अगर ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया, तो आपका आईटीआर मान्य नहीं माना जाएगा।
अगर आप तय समय तक आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं, तो बाद में भी रिटर्न दाखिल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ₹5,000 तक का विलंब शुल्क देना पड़ सकता है। अगर कोई टैक्स बाकी है, तो उस पर ब्याज भी देना होगा।