Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

02/18/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/18/2026 09:03

भारत की माननीय राष्ट्रपति ने विशाखापत्तनम के तट पर अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 की समीक्षा की

रक्षा मंत्रालय

भारत की माननीय राष्ट्रपति ने विशाखापत्तनम के तट पर अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 की समीक्षा की

प्रविष्टि तिथि: 18 FEB 2026 7:13PM by PIB Delhi

भारतीय नौसेना ने 18 फरवरी 2026 को विशाखापत्तनम तट पर अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें 74 देशों की भागीदारी के साथ एक भव्य समुद्री आयोजन किया गया जिसमें वैश्विक नौसैनिक सहयोग, पेशेवर सौहार्द और भारत की समुद्री क्षमता को प्रदर्शित किया गया। आईएफआर 2026 भारत द्वारा आयोजित तीसरी अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा थी, इससे पहले मुंबई (2001) और विशाखापत्तनम (2016) में इसका आयोजन हो चुका था।

नौसेना की राष्ट्रपति समीक्षा

(प्रेस विज्ञप्ति राष्ट्रपति सचिवालय - https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2229534®=3〈=1 )

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर ने स्वदेशी रूप से निर्मित अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुमेधा से बेड़े का निरीक्षण किया। जिसने इस अवसर पर राष्ट्रपति नौका के रूप में कार्य किया। आईएनएस सुमेधा अशोक चिह्न से सुशोभित थी और इसके मस्तूल पर राष्ट्रपति का ध्वज फहराया गया था।

150 व्यक्तियों के दल द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी के बाद, माननीय राष्ट्रपति आईएनएस सुमेधा पर सवार हुईं और विशाखापत्तनम तट पर 52 जहाजों के बेड़े के सामने से निकलीं।

बेड़ा समीक्षा में 19 विदेशी युद्धपोतों सहित कुल 85 जहाजों ने भाग लिया, जो समुद्री भागीदारी के पैमाने और विविधता को दर्शाता है।

भारतीय बेड़े में भारतीय नौसेना के 60 जहाज, भारतीय तटरक्षक बल के चार जहाज और भारतीय जहाजरानी निगम तथा राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान का एक-एक जहाज शामिल था।

इस समीक्षा में भारतीय नौसेना की तीन पनडुब्बियां, एक फ्रांसीसी अटलांटिक समुद्री गश्ती विमान और 60 से अधिक विमानों की भागीदारी भी शामिल थी, जो प्रदर्शित बहु-क्षेत्रीय परिचालन क्षमता और समन्वित समुद्री उपस्थिति को रेखांकित करती है।

माननीय राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना वायु सेना का निरीक्षण भी किया, जिसमें हेलीकॉप्टरों और विमानों की फ्लाई-पास्ट शामिल थी। इसके बाद युद्धपोतों और पनडुब्बियों का एक काफिला राष्ट्रपति की नौका के सामने से गुजरा। इस कार्यक्रम में समुद्री और तटवर्ती प्रदर्शन भी शामिल थे, जिनमें पाल परेड, खोज और बचाव अभियान और हॉक विमानों द्वारा हवाई करतब शामिल थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय राष्ट्रपति ने कहा कि आज इतने सारे मित्र देशों की भागीदारी से मित्रता की भावना इस सत्य को उजागर करती है कि समुद्र हमें बांटता नहीं बल्कि एकजुट करते हैं। समुद्री क्षेत्र सहित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रति भारत का दृष्टिकोण 'वसुधैव कुटुंबकम' के हमारे आदर्शों से प्रेरित है। यह दृष्टिकोण इस ज्ञान को दर्शाता है कि वैश्विक सुरक्षा, विकास, स्थिरता और स्थायित्व मित्रता के माध्यम से ही निर्मित होते हैं। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा भारत के 'महासागर' के दृष्टिकोण को भी बढ़ाती है, जिसका अर्थ है 'क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति'। इस समीक्षा के संदेश - 'महासागरों के माध्यम से एकजुट' - में एकजुटता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है। यह वैश्विक समुदाय के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि सामूहिक नौसैनिक शक्ति ही समुद्री चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर सकती है।

अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के चैनलों (डीडी नेशनल और डीडी विजयवाड़ा) पर किया गया और भारतीय नौसेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब (@IndianNavyOfficial) और फेसबुक (@IndianNavy) पर भी सीधा प्रसारण किया गया, जिससे भारत और विदेश में दर्शक इस कार्यक्रम को देख सके। कार्यक्रम के रिकॉर्ड किए गए प्रसारण (पुनः प्रसारण) इन्हीं चैनलों पर देखने के लिए उपलब्ध हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 ने "महासागरों के माध्यम से एकजुट" विषय के अनुरूप समुद्री सहयोग, अंतरसंचालनीयता और सामूहिक सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, साथ ही भारतीय नौसेना की स्वदेशी क्षमता, परिचालन व्यावसायिकता और समान विचारधारा वाली नौसेनाओं के साथ स्थायी साझेदारी पर प्रकाश डाला।

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पीके/केसी/एनकेएस/एसएस


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