सीआईएसएफ ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में साइबर सुरक्षा के घेरे को और ज्यादा मजबूत व अभेद्य बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हवाई अड्डों की साइबर सुरक्षा के मद्देनजर, सीआईएसएफ ने आईआईटी रोपड़ के साथ हाथ मिलाया है। विमानन क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए आईटी क्षेत्र के विशेषज्ञ सीआईएसएफ जवानों को छह सप्ताह का विशेष आवासीय प्रशिक्षण देंगे। इस ट्रेनिंग के जरिए सीआईएसएफ के पास 'साइबर कमांडो' का एक समूह तैयार हो जाएगा।
सीआईएसएफ जवानों को दी जाएगी साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग
बल के एयरपोर्ट सेक्टर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ के साथ एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत सीआईएसएफ जवानों को साइबर सुरक्षा में निपुण बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन-2024 में रखे गए विजन और केंद्रीय गृह मंत्री के उन निर्देशों के सीधे अनुपालन में है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व राज्य पुलिस संगठनों के भीतर एक समर्पित 'साइबर कमांडो' कैडर विकसित करने पर जोर दिया गया था।
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सुरक्षा की नई चुनौतियां और सीआईएसएफ की तैयारी
सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन के नेतृत्व में, बल ने उभरते हुए साइबर खतरों को पहचानने, उनसे निपटने और उनका त्वरित समाधान करने के लिए विशेष जवानों की एक टीम तैयार करने का बीड़ा उठाया है। हवाई अड्डे, देश के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों में से एक हैं। ऐसे में यहां होने वाला कोई भी साइबर व्यवधान बड़े पैमाने पर सुरक्षा, संचालन और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए यह विशेष कैडर तैयार किया जा रहा है।
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छह सप्ताह का विशेष आवासीय कार्यक्रम
आईआईटी रोपड़ स्केल फाउंडेशन और सीआईएसएफ की इस संस्थागत साझेदारी के तहत छह सप्ताह का यह कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क आयोजित किया जाएगा। इस ट्रेनिंग में जवानों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जमीनी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से भी रूबरू कराया जाएगा।
विशेष पाठ्यक्रम में शामिल अहम विषय
* साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांत
* महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना
* डिजिटल फोरेंसिक और घटनाओं का पता लगाना
* आपदा रिकवरी और व्यापार निरंतरता
* नए व उभरते साइबर खतरे
* मल्टी-सेक्टर क्राइसिस सिमुलेशन
एमओयू पर किन लोगों ने किया हस्ताक्षर
इस ऐतिहासिक एमओयू पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा और सीआईएसएफ (नई दिल्ली) के आईजी/एयरपोर्ट सेक्टर-I, सेंथिल अवुडई कृष्णा राज एस (आईपीएस) ने हस्ताक्षर किए हैं। आईआईटी रोपड़ के साथ यह साझेदारी सीआईएसएफ को तकनीक के मोर्चे पर और भी मजबूत व भविष्य के लिए तैयार करेगी। इस विशेष 'साइबर सुरक्षा कैडर' के तैयार होने से न केवल विमानन सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह व्यापक राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे को भी एक नई ताकत देगा।