Ministry of Heavy Industries of the Republic of India

03/20/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/20/2026 04:24

राजनीतिक दलों को अपने विज्ञापनों को मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से पूर्व-प्रमाणित करवाना होगा

निर्वाचन आयोग

राजनीतिक दलों को अपने विज्ञापनों को मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से पूर्व-प्रमाणित करवाना होगा


उम्मीदवारों को अपने वास्तविक सोशल मीडिया खातों की जानकारी साझा करनी होगी

प्रविष्टि तिथि: 20 MAR 2026 2:32PM by PIB Delhi

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव और 6 राज्यों में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है।

  1. भारत निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी किया है कि किसी भी पंजीकृत राजनीतिक दल या किसी भी संगठन/संघ या किसी भी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार/व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (जैसे टीवी, रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर एवी डिस्प्ले, ई-पेपर, एक साथ अत्‍यधिक एसएमएस/वॉयस मैसेज) सहित सोशल मीडिया पर सभी राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन से पहले मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) को पूर्व-प्रमाणीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
  2. व्यक्ति या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जिला मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति में विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यालय वाली सभी पंजीकृत राजनीतिक पार्टियां राज्य-स्तरीय मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति में ऐसे विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के लिए आवेदन कर सकती हैं। आवेदन निर्धारित समय सीमा में जमा किए जाने चाहिए। जिला/राज्य मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों पर विचार करने के लिए राज्य-स्तर पर सीईओ की अध्यक्षता में एक अपीलीय समिति का भी गठन किया गया है।
  3. संबंधित मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से पूर्व-प्रमाणन के बिना किसी भी राजनीतिक दल/उम्मीदवार द्वारा किसी भी इंटरनेट-आधारित मीडिया/वेबसाइट, जिसमें सोशल मीडिया वेबसाइटें भी शामिल हैं, पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा।
  4. मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति मीडिया में भुगतान की गई खबरों के संदिग्ध मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखेगी और उचित कार्रवाई करेगी।
  5. नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवारों को अपने एफिडेविट में अपने प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों का विवरण देना आवश्यक है।
  6. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों में चुनाव आयोग को सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट के माध्यम से प्रचार पर किए गए व्यय का विवरण भी प्रस्तुत करना चाहिए।
  7. इस प्रकार के व्यय में, अन्य बातों के अलावा, विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को किए गए भुगतान और सामग्री विकास पर अभियान संबंधी व्यय और उनके सोशल मीडिया खातों को बनाए रखने के लिए किए गए परिचालन व्यय शामिल होंगे।
  8. इस संबंध में, 19 मार्च, 2026 को चुनाव वाले सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ, राज्य पुलिस नोडल अधिकारियों, राज्य आईटी नोडल अधिकारियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एसएमपी) के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी, ताकि उन्हें उपरोक्त प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जा सके और चुनावों के दौरान गलत सूचना, भ्रामक सूचना और फर्जी खबरों के मामलों की जांच और उनके विरूद्ध समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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पीके/केसी/एचएन/जीआरएस


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