09/06/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/06/2026 08:31
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने के मामले में पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, सरकार ने इस पूरी घटना की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है। घटनास्थल पर मलबे में दबे छात्रों और अन्य लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
दिल्ली मोती बाग हादसा - फोटो : PTI
कौन है बिल्डिंग का मालिक? बेसमेंट में चल रहा था काम
मोती बाग हादसे को लेकर दिल्ली पुलिस ने अहम खुलासे किए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच (लोकल इंक्वायरी) के अनुसार, यह इमारत 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं, जिसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में किया जा रहा था।
Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला
हादसे के वक्त चल रहा था काम
पुलिस के मुताबिक, जिस वक्त यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी मकान मालिक की पहचान आनंद बंसल के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अब तक छह लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है और सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला
मकान मालिक पर एक्शन, कमेटी करेगी जांच- बीजेपी सांसद बिधूड़ी
दक्षिण दिल्ली के बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इस पूरी घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। जैसे ही कमेटी की रिपोर्ट आएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला
मालिक हो चुका गिरफ्तार
सांसद बिधूड़ी ने बताया कि मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और संभवतः उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इमारत हाल-फिलहाल में नहीं बनी थी, बल्कि काफी पुरानी थी। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए बिधूड़ी ने कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। सरकार को ऐसे सख्त इंतजाम करने चाहिए जिससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।