04/13/2026 | Press release | Distributed by Public on 04/13/2026 07:32
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित नुमाइश ग्राउंड में आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) द्वारा एक भव्य एवं वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास और उद्यमशीलता एवं शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री जयन्त चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस मेले ने 'रोजगार के महाकुंभ' का रूप लिया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल भी शामिल हुए, जिन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास, इनोवेशन और समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की गईं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और नीति आयोग के Women Entrepreneurship Platform (WEP) के बीच एक Statement of Intent (SOI) का आदान प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाना और उन्हें पारंपरिक, सीमित आय वाले कार्यों से निकालकर औपचारिक, स्थाई और स्केलेबल उद्यमों में परिवर्तित करना है। इस पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता आधारित कौशल प्रशिक्षण, औपचारिक वित्तीय सहायता (क्रेडिट लिंकिंग), साझा एवं मानक-अनुरूप इन्फ्रास्ट्रक्चर, और घरेलू व वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, यह कार्यक्रम विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर उनके प्रभाव को भी बढ़ाएगा। इस पहल से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी को नई दिशा मिलेगी।
इसी कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और गूगल क्लाउड के सहयोग से तैयार एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया, जिसका शीर्षक है "AI Sentiment and Readiness" जो देश के युवाओं और शिक्षकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति बढ़ती जागरूकता, स्वीकार्यता और आकांक्षाओं को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार 85 प्रतिशत से अधिक छात्र और 73 प्रतिशत शिक्षक एआई को भविष्य के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी शक्ति मानते हैं। 76 प्रतिशत युवा स्वयं एआई आधारित समाधान विकसित करने की इच्छा रखते हैं, जो भारत को 'कंज्यूमर' से 'क्रिएटर' बनने की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है। 81 प्रतिशत शिक्षक शिक्षा में एआई के उपयोग को अपनाने के लिए तैयार हैं, जबकि 90 प्रतिशत छात्र AI को अपनी मातृभाषा में उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस करते हैं, जिससे तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। यह पहल शिक्षा क्षेत्र में 'पर्सनलाइज्ड एआई ट्यूटर' जैसी उन्नत अवधारणाओं को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में श्री रजत अरोड़ा, कंट्री मैनेजर - गवर्नमेंट अफेयर्स एंड पब्लिक पॉलिसी, गूगल; डॉ. प्रदीप चौधरी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ; तथा प्रो. मर्दुल कुमार गुप्ता, वरिष्ठ प्रोफेसर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ शामिल थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी ने पूरे दमखम के साथ किसानों की बातों को सरकारों तक पहुँचाया है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज चौधरी अजीत सिंह जी की पावन धरा पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की प्रतिमा का अनावरण का अवसर मिला है। लोक माता होल्कर और चौधरी साहब का योगदान देश के लिए है। उनके योगदान के कारण ही हम सब यहाँ हैं। चौधरी चरण सिंह जी ने हमेशा गाँव, युवाओं, खेत-खलिहान और किसानों की बात की है। इसलिए महापुरुषों की प्रेरणा ही हम सभी को आगे बढ़ाएगी। मैं भारत के अन्नदाता के मसीहा के रूप में पहचाने जाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करता हूँ।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन न केवल युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगे, बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध कराकर पलायन को भी कम करेंगे। कौशल महोत्सव में आए नौजवानों की चेहरों की चमक बता रही है कि उन्हें बेहतर अवसर मिले हैं। हर युवा स्किल्ड हो ताकि हर किसी को रोजगार के अवसर मिल सके।
इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास और उद्यमशीलता एवं शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री जयन्त चौधरी ने अपने संबोधन में कहा, "यह रोजगार महाकुंभ केवल नौकरियां देने का मंच नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। आज एक विशेष अवसर है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं और छात्रों को बड़े अवसर मिले हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि सभी को एक समान अवसर मिले। इस दिशा में कौशल महोत्सव एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। एग्रीकल्चर, ड्रोन और एआई के क्षेत्र में भी नवाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। आज युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं। आज विश्वविद्यालयों में पेटेंट फाइल हो रहे हैं। एक वर्ष में पेटेंट में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमारा लक्ष्य है कि युवा केवल नौकरी पाने वाले न बनें, बल्कि स्किल्स, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाले बनें। एआई और स्किलिंग के जरिए हम भारत को विश्व की स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।"
उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन युवाओं और महिलाओं दोनों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया और अनेक रोजगार के अवसर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए गए।
बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और विभिन्न सेक्टरों जैसे मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल, आईटी, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में रोजगार के लिए आवेदन किया। अनेक उम्मीदवारों को मौके पर ही चयनित किए जाने की प्रक्रिया ने इस आयोजन को और भी प्रभावी बना दिया। यह मेला उद्योग जगत और युवाओं के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में उभरा, जिसने रोजगार की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाया।
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने अपने विभिन्न प्रमुख कार्यक्रमों और पहलों का भी प्रदर्शन किया, जिनमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, AI के लिए स्किलिंग पहल SOAR (Skilling for AI Readiness), तथा Skill India Digital Hub प्रमुख रहे। इसके साथ ही, डीजीटी की प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना तथा NIESBUD, जन शिक्षण संस्थान (JSS) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया।
यह वृहद रोज़गार मेला, महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए की गई पहल और एआई आधारित शिक्षा की दिशा में उठाए गए कदम उत्तर प्रदेश को कौशल, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे। यह आयोजन न केवल राज्य के युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में इस प्रकार की पहलें राज्य को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाएंगी तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सीईओ, श्री अरुणकुमार पिल्लई तथा नीति आयोग में प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर एवं वीमन ऑन्तरप्रेन्योरशिप प्लेटफार्म की मिशन डायरेक्टर, सुश्री अन्ना रॉय भी उपस्थित रहे।
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SH