Prime Minister’s Office of India

02/07/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/07/2026 09:28

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कुआलालंपुर, मलेशिया में एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कुआलालंपुर, मलेशिया में एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया


कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों के स्नेह के लिए अत्यंत आभारी हूँ, हमारा प्रवासी समुदाय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में निरंतर कार्य करता रहेगा: प्रधानमंत्री

मलेशिया में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय निवास करता है, भारत और मलेशिया के दिलों को जोड़ने वाले कई गहरे सूत्र हैं: प्रधानमंत्री

यह सराहनीय है कि आपने सदियों से अपनी परंपराओं को संजोकर रखा है, हाल ही में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में मैंने 140 करोड़ भारतीयों के साथ यह साझा किया कि कैसे मलेशिया के 500 से अधिक स्कूलों में बच्चों को भारतीय भाषाएं सिखाई जा रही हैं: प्रधानमंत्री

मलेशिया में तमिल प्रवासी विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहे हैं और उनका यहाँ का इतिहास कई सदियों पुराना है, इसी गौरवशाली इतिहास से प्रेरित होकर, हमने यूनिवर्सिटी ऑफ़ मलाया में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की है और अब हम अपनी साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर सेंटर स्थापित करेंगे: प्रधानमंत्री

भारत की सफलता ही मलेशिया की सफलता है और यही पूरे एशिया की सफलता है, इसीलिए, मैं कहता हूँ कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द 'IMPACT' है, जिसका अर्थ है- यानी इंडिया-मलेशिया पार्टनरशिप फॉर एडवांसिंग कलेक्टिव ट्रांसफॉर्मेशन (सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी): प्रधानमंत्री

मैं आप में से अधिक से अधिक लोगों को इन्क्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) की यात्रा करने और उसका अनुभव लेने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ, आप अपने साथ अपने मलेशियाई मित्रों को भी अवश्य लाएँ, क्योंकि जनता के बीच आपसी संपर्क ही हमारी मित्रता की आधारशिला है: प्रधानमंत्री

आज दुनिया भारत को विकास के एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में में देखती है, चाहे यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ हो या अमेरिका-सभी देश भारत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं, आज भरोसा ही भारत की सबसे बड़ी मुद्रा (करेंसी) बन गया है : प्रधानमंत्री

प्रविष्टि तिथि: 07 FEB 2026 6:15PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कुआलालंपुर में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहाँ जिस गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया है, वह हमारी साझा संस्कृति की सुंदर विविधता को दर्शाता है। उन्होंने इस उत्सव में शामिल होने के लिए अपने प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम स्वयं उनका स्वागत करने एयरपोर्ट आए और अपनी कार में बैठाकर उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाए। श्री मोदी ने कहा, "प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का यह विशेष भाव भारत के प्रति उनके प्रेम और सम्मान को दर्शाता है, साथ ही यहाँ मौजूद आप सभी लोगों के प्रति उनके आदर को भी प्रकट करता है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि 800 से अधिक नर्तकों द्वारा पूरी लय और ताल के साथ दी गई रिकॉर्ड सांस्कृतिक प्रस्तुति आने वाले कई वर्षों तक याद रखी जाएगी। उन्होंने इस शानदार प्रदर्शन के लिए सभी कलाकारों को बधाई दी। श्री मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और वे तब से मित्र हैं, जब वे प्रधानमंत्री भी नहीं बने थे। उन्होंने सुधारों के प्रति प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के दृष्टिकोण, उनकी शानदार बौद्धिक क्षमता और 2025 में आसियान के अध्यक्ष के रूप में उनके कुशल नेतृत्व की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने याद करते हुए कहा कि वह पिछले साल आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ पाए थे, लेकिन तब उन्होंने जल्द ही यहाँ आने का वादा किया था और आज उन्होंने अपना वह वादा पूरा कर दिया है। उन्होंने बताया कि साल 2026 की यह उनकी पहली विदेश यात्रा है और उन्हें खुशी है कि वे त्योहारों के इस मौसम में भारतीय समुदाय के बीच हैं। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी ने संक्रांति, पोंगल और थाइपुसम का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया होगा। उन्होंने आगे आने वाले त्योहारों-शिवरात्रि, रमजान की शुरुआत और हरि राया के लिए भी सभी को ढेरों शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मलेशिया में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय निवास करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और मलेशिया के लोगों के दिलों को जोड़ने वाली बहुत सी बातें हैं। कार्यक्रम से पहले देखी गई एक प्रदर्शनी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें दोनों देशों के रिश्तों को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। श्री मोदी ने कहा, "भारतीय मूल का समुदाय दोनों देशों को जोड़ने वाला एक जीता-जागता सेतु है।" उन्होंने खान-पान और संस्कृति का उदाहरण देते हुए बताया कि मलेशिया की रोटी कनाई और भारत का मालाबार परोटा एक जैसे हैं। नारियल, मसाले और यहाँ की तेह तारिक का स्वाद कुआलालंपुर और कोच्चि, दोनों जगह एक जैसा ही महसूस होता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। इसका एक कारण यह भी है कि भारतीय भाषाओं और मलय भाषा में कई शब्द एक जैसे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय फिल्में और संगीत मलेशिया में बहुत लोकप्रिय हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं और यह जानकर बहुत खुशी होती है कि उन्हें महान कलाकार एमजीआर के तमिल गीत भी बहुत पसंद हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मलेशिया के भारतीय मूल के समुदाय के दिलों में भारत के लिए एक खास जगह है। साल 2001 की एक घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब उनके गृह राज्य गुजरात में भूकंप आया था, तब यहाँ के समुदाय के बहुत से लोग मदद के लिए आगे आए थे। उन्होंने इसके लिए सभी का आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने भावुक होते हुए कहा, "मलेशिया में रहने वाले इस समुदाय के हजारों पूर्वजों ने भारत को आजाद कराने के लिए बहुत बड़े बलिदान दिए थे। उनमें से कई ने कभी भारत को देखा तक नहीं था, फिर भी वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल होने वाले शुरुआती लोगों में से थे।" प्रधानमंत्री ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में ही मलेशिया स्थित भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा गया है। उन्होंने मलेशिया में नेताजी सर्विस सेंटर और नेताजी वेलफेयर फाउंडेशन की सराहना की और उनके प्रयासों को नमन किया।

प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया कि मलेशिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों ने सदियों से अपनी परंपराओं को बनाए रखा है। उन्होंने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने पूरे भारत को बताया था कि मलेशिया के 500 से ज्यादा स्कूलों में बच्चों को भारतीय भाषाएं सिखाई जा रही हैं। श्री मोदी ने कहा, "मलेशिया में संत तिरुवल्लुवर और स्वामी विवेकानंद का प्रभाव साफ दिखाई देता है। अभी हाल ही में बाटू केव्स में हुए थाईपुसम उत्सव की भव्यता अद्भुत थी, जो भारत के पलानी के उत्सवों की याद दिलाती है।" प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मलेशिया में गरबा काफी लोकप्रिय है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने सिख समुदाय के साथ सांस्कृतिक रिश्तों को बहुत महत्व देता है, जो यहाँ श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिल दुनिया के लिए भारत का उपहार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तमिल साहित्य शाश्वत है, तमिल संस्कृति वैश्विक है और तमिल लोगों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से मानवता की सेवा की है। श्री मोदी ने रेखांकित करते हुए कहा, "भारत के उपराष्ट्रपति थिरु सी.पी. राधाकृष्णन, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. मुरुगन, ये सभी तमिलनाडु से हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया में रहने वाले तमिल प्रवासी विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहे हैं और उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया कि मलेशिया में तमिल समुदाय कई शताब्दियों से मौजूद है। उन्होंने कहा कि इसी इतिहास से प्रेरित होकर, भारत ने यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की थी और अब साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर सेंटर स्थापित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-मलेशिया संबंध हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। 2024 में प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की नई दिल्ली यात्रा को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अब प्रगति और समृद्धि की दिशा में भागीदारों के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं और एक-दूसरे की सफलताओं का उत्सव अपनी सफलता के रूप में मनाते हैं।

श्री मोदी ने याद किया कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता पर प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा दी गई शुभकामनाओं से वे अभिभूत थे। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि भारत की सफलता, मलेशिया और पूरे एशिया की सफलता है। उन्होंने कहा कि इस संबंधों का मार्गदर्शक शब्द IMPACT है-इंडिया-मलेशिया पार्टनरशिप फॉर एडवांसिंग कलेक्टिव ट्रांसफॉर्मेशन (सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी)। उन्होंने संबंधों की गति, महत्वाकांक्षाओं के विस्तार और लोगों के लिए इसके लाभों पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर पूरी मानवता का कल्याण कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियाँ हमेशा से मलेशिया के साथ काम करने के लिए उत्सुक रही हैं। उन्होंने मलेशिया में पहली और एशिया की सबसे बड़ी इंसुलिन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने में भारत की भूमिका का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, "100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियाँ मलेशिया में सक्रिय हैं, जो हज़ारों नौकरियाँ पैदा कर रही हैं।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मलेशिया-भारत डिजिटल काउंसिल डिजिटल सहयोग के लिए नए रास्ते खोल रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह घोषणा भी की कि भारत का यूपीआई सिस्टम जल्द ही मलेशिया में शुरू होगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया हिंद महासागर के एक ही सागरीय विस्तार को साझा करते हैं। उन्होंने सभी को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने का निमंत्रण दिया। श्री मोदी ने कहा, "भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, एक दशक में एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हो गई है, रिकॉर्ड गति से राजमार्गों का निर्माण हो रहा है और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिल रही है।" उन्होंने जनता के बीच आपसी संपर्क के लिए अधिक से अधिक यात्राओं को प्रोत्साहित किया और अपने मलेशियाई मित्रों को भारत लाने का सुझाव दिया, क्योंकि ऐसा आपसी संपर्क ही दोनों देशों के बीच मित्रता की आधारशिला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में एक बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से अब शीर्ष 3 की कतार में खड़ा है। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि मेक इन इंडिया अभियान एक छोटे पौधे से बढ़कर अब भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बना चुका है, जबकि रक्षा निर्यात में 2014 के बाद से लगभग 30 गुना की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन गया है और हमने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और फिनटेक इकोसिस्टम तैयार किया है। आज दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत के यूपीआई के माध्यम से हो रहे हैं।" भारत की क्लीन और ग्रीन ग्रोथ का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि एक दशक में सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 40 गुना की बढ़ोतरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब केवल एक विशाल बाजार के रूप में नहीं, बल्कि निवेश और व्यापार के केंद्र तथा ग्रोथ के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखा जाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे देशों के साथ व्यापारिक समझौते हैं और आज भरोसा भारत की सबसे मजबूत मुद्रा (करेंसी) बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने प्रवासी भाई-बहनों का हमेशा खुली बाहों से स्वागत करेगा। उन्होंने एक ऐतिहासिक निर्णय पर जोर देते हुए कहा कि अब छठी पीढ़ी तक के भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिक ओसीआई (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड के पात्र होंगे। श्री मोदी ने इंडियन स्कॉलरशिप ट्रस्ट फंड के माध्यम से भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और भारतीय संस्थानों में पढ़ाई के लिए तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने नो इंडिया प्रोग्राम (केआईपी) का भी उल्लेख किया और बताया कि जल्द ही मलेशिया में भारत का एक नया दूतावास खोला जाएगा, जिससे दोनों देशों के संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का लक्ष्य 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है और प्रवासी भारतीय समुदाय इस यात्रा में एक बहुमूल्य भागीदार है। श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, "जन्म चाहे कुआलालंपुर में हुआ हो या कोलकाता में, भारत हमेशा प्रवासियों के दिलों में बसता है जो मलेशिया और भारत, दोनों की प्रगति का एक सक्रिय हिस्सा हैं और एक समृद्ध मलेशिया तथा विकसित भारत के विजन को साकार करने में मदद करेंगे।"

PM @narendramodi arrived in Kuala Lumpur, Malaysia, a short while ago. In a warm gesture, he was welcomed by PM @anwaribrahim at the airport. pic.twitter.com/DAfgLY93SW

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Grateful for the warmth of the Indian diaspora in Kuala Lumpur. Our diaspora continues to serve as a strong bridge between India and Malaysia. Addressing a community programme. https://t.co/U5FVR1YIV6

- Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026

Malaysia has the second-largest Indian-origin community in the world.

There is so much that connects Indian and Malaysian hearts: PM @narendramodi in Kuala Lumpur

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It is remarkable the way you have preserved traditions over centuries.

Recently, I spoke in my monthly radio conversation, #MannKiBaat, about you.

I shared with 1.4 billion Indians how over 500 schools in Malaysia teach children in Indian languages: PM @narendramodi during… https://t.co/qRaGSbtR1v

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The members of the Tamil diaspora in Malaysia are serving the society in various fields.

In fact, the Tamil diaspora has been here for many centuries.

Inspired by this history, we are proud to have established the Thiruvalluvar Chair in the University of Malaya.

We will now…

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India's success is Malaysia's success, it is Asia's success.

That is why I say the guiding word of our relationship is IMPACT.

IMPACT means India-Malaysia Partnership for Advancing Collective Transformation: PM @narendramodi

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I encourage more of you to travel and experience Incredible India.

You must also bring your Malay friends with you.

Because people-to-people contact is the cornerstone of our friendship: PM @narendramodi during community programme in Kuala Lumpur.

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India is seen as a trusted partner for growth.

Whether it is the UK, UAE, Australia, New Zealand, Oman, the EU or USA, countries have trade deals with India.

Trust has become India's strongest currency: PM @narendramodi

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पीके/केसी/डीवी


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