05/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 05/24/2026 01:58
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला रोग के कथित प्रकोपों के मद्देनजर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर), 2005 के तहत, 17 मई 2026 को स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया।
अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने भी आधिकारिक तौर पर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुंडीबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के चल रहे प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईसीएस) घोषित कर दिया है।
इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ आईएचआर आपातकालीन समिति ने 22 मई 2026 को प्रवेश बिंदुओं पर रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी कीं ताकि ''बुंडीबुग्यो वायरस का पता चलने वाले क्षेत्रों से आने वाले अस्पष्टीकृत बुखार से पीड़ित यात्रियों का पता लगाया जा सके, उनका आकलन किया जा सके, रिपोर्ट किया जा सके और उनका प्रबंधन किया जा सके'' और साथ ही ''बुंडीबुग्यो वायरस का पता चलने वाले क्षेत्रों की यात्रा को हतोत्साहित किया जा सके''।
दक्षिण सूडान सहित कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा की सीमा से लगे देशों में बीमारी के संचरण का उच्च जोखिम माना जा रहा है।
इबोला रोग, इबोला वायरस के बंडीबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से होने वाला एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है। यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। वर्तमान में, बंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग की रोकथाम या उपचार के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं किया गया है।
भारत में बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और अन्य प्रभावित देशों में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के अनुरूप, भारत सरकार सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह देती है।
इन देशों में वर्तमान में रह रहे या यात्रा कर रहे भारतीय नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यह सलाह यहां देखी जा सकती है:
https://mohfw-dohfw.gov.in/static/uploads/2026/05/2c1ba58591b94ed8a892935e75e8006f.pdf
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पीके/केसी/एमके/वीके