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08/03/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/02/2026 19:22

अल-नीनो का असर: हरियाणा, पंजाब और यूपी में इस बार सामान्य से 38% तक कम बारिश, दिल्ली पर भी इंद्रदेव अप्रसन्न

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अल-नीनो का असर: हरियाणा, पंजाब और यूपी में इस बार सामान्य से 38% तक कम बारिश, दिल्ली पर भी इंद्रदेव अप्रसन्न

Mon, 03 Aug 2026 04:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Aug 2026 04:38 AM IST
सार

लद्दाख को छोड़कर उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर राज्यों में यह कमी राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है।

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विस्तार

अल-नीनो के कारण इस मानसून सीजन के पहले दो महीनों यानी जून-जुलाई में देशभर में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है। लेकिन लद्दाख को छोड़कर उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर राज्यों में यह कमी राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है। यूपी में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी यानी 28 फीसदी कम बारिश हुई है। पंजाब में सामान्य से 38 फीसदी और हरियाणा में 31 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। इससे खेती के लिए वर्षा आधारित राज्यों की चिंता बढ़ गई है।

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मौसम विभाग के मुताबिक, जून में देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून सुस्त रहा और 99.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 165.3 मिमी से 40 फीसदी कम है। साथ ही, जून, 1901 के बाद यानी 125 वर्षों में 5वां और पिछले एक दशक से ज्यादा समय में सबसे सूखा महीना रहा। इसकी वजह मानसून देर से आना और बीच में दो सप्ताह तक रुक जाना है।
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जुलाई में बेहतर स्थिति से मिली राहत
जुलाई में बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्रों के कारण अच्छी बारिश हुई। इस दौरान देशभर में औसतन 283.3 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 280.5 मिमी से अधिक थी। इससे कमी की कुछ भरपाई हुई और औसत बारिश में कमी का अंतर घटकर 13 फीसदी रह गया।
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  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हिंद महासागर में विकसित हो रहे इंडियन ओसन डिपोल से अल-नीनो का असर कम होने की उम्मीद है। इससे दक्षिण भारत समेत देश के अन्य हिस्सों में बारिश में सुधार हो सकता है। 

दिल्ली में 240 मिमी ही बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां 10 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। सामान्यतौर पर इन दो महीनों के दौरान दिल्ली में 268 मिमी बारिश होती है, जबकि 240.2 मिमी ही हुई।

यूपी का हाल
एक जून से 2 अगस्त तक यूपी में सिर्फ 73 फीसदी के आसपास बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 28 फीसदी कम है। इन दो महीनों में प्रदेश में 261.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 357.6 मिमी है। पूर्वी यूपी में यह कमी 34 फीसदी (254.2 मिमी बारिश) और पश्चिमी यूपी में 15 फीसदी (271.7 मिमी बारिश) रही।

पहाड़ी राज्यों की स्थिति
जम्मू-कश्मीर को छोड़कर अन्य सभी जगह सामान्य से कम बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर में 16 फीसदी अधिक वर्षा हुई। यह आंकड़ा औसत 284.8 मिमी की तुलना में 329.1 मिमी रहा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सामान्य से 6-6 फीसदी कम बारिश हुई।



असर...बुआई 4.70% घटी
कम बारिश का असर खरीफ बुआई पर पड़ा है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई, 2026 तक देशभर में खरीफ सीजन में 787.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही फसलों की बुआई हुई है, जो पिछले साल के 826.19 लाख हेक्टेयर से 4.70 फीसदी कम है।
Amar Ujala Ltd published this content on August 03, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 03, 2026 at 01:23 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]