Prime Minister’s Office of India

03/03/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/03/2026 02:43

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने “आर्थिक विकास बरकरार रखने और मजबूत करने” के विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित किया

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने "आर्थिक विकास बरकरार रखने और मजबूत करने" के विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित किया


इस वर्ष का केंद्रीय बजट आर्थिक विकास बरकरार रखने और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को और पुष्ट करता है: प्रधानमंत्री

हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक संपर्क स्थापित करें, अधिक निर्यात करें: प्रधानमंत्री

दुनिया विश्वसनीय और सामर्थ्यवान विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है और आज भारत के पास इस भूमिका को ठोस तरीके से निभाने का अवसर है: प्रधानमंत्री

भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, हमारे लिए अवसरों के बहुत बड़े द्वार खुल गए हैं और ऐसी स्थिति में गुणवत्ता से कभी समझौता न करना हमारी जिम्मेदारी है: प्रधानमंत्री

कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज मिशन एक महत्वपूर्ण पहल है, स्थिरता को मुख्य व्यावसायिक रणनीति में जोड़ना आवश्यक होगा: प्रधानमंत्री

जो उद्योग समय रहते स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बनाने में सक्षम होंगे: प्रधानमंत्री

आज विश्व अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो रहा है, क्योंकि बाजार अब न केवल लागत बल्कि स्थिरता पर भी ध्यान दे रहे हैं: प्रधानमंत्री

प्रविष्टि तिथि: 03 MAR 2026 1:02PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बजट वेबिनार श्रृंखला के द्वितीय सत्र को संबोधित किया जिसका मुख्य विषय "आर्थिक विकास बरकरार रखना और मजबूत करना" था। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह की प्रगति पर विचार करते हुए कहा कि पहला वेबिनार अत्यंत सफल रहा और बजट प्रावधानों के कार्यान्वयन के संबंध में उत्कृष्ट सुझाव प्राप्त हुए।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान वेबिनार देश की आर्थिक वृद्धि को निरंतर मजबूती प्रदान करने के मुद्दे से सहज रूप से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन के साथ भारत की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था विश्व के लिए आशा की किरण बन गई है। श्री मोदी ने कहा, "अर्थव्यवस्था की तीव्र प्रगति 'विकसित भारत' की मजबूत नींव है।"

प्रधानमंत्री ने सरकार के स्पष्ट दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प की पुष्टि करते हुए "अधिक निर्माण करो, अधिक उत्पादन करो, अधिक संपर्क स्थापित करो और अधिक निर्यात करो" के मूल मंत्रों को दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से, आज आप लोगों के बीच होने वाली चर्चाएं और उनसे निकलने वाले सुझाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"

प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल के संबंध में बोलते हुए यह स्पष्ट किया कि विनिर्माण, संचालन व्यवस्था, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और शहरी केंद्र अलग-अलग इकाइयां नहीं हैं बल्कि एक ही आर्थिक संरचना के परस्पर जुड़े हुए स्तंभ हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार विनिर्माण निर्यात को बढ़ावा देता है जबकि प्रतिस्पर्धी एमएसएमई लचीलेपन और नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं। श्री मोदी ने कहा, "इस वर्ष के बजट ने इन सभी स्तंभों को बहुत मजबूती प्रदान की है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग, वित्तीय संस्थानों और राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी के बिना केवल नीतिगत दिशा-निर्देशों से ही परिणाम प्राप्त नहीं होंगे। उन्होंने हितधारकों से विनिर्माण और उत्पादन बढ़ाने तथा लागत संरचना को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर चर्चा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा, "इन दिशाओं में आपके सुझाव विकास को देश के हर कोने तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"

प्रधानमंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र में प्रमुख क्षमताओं को मजबूत करने और मौजूदा बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, "दुर्लभ खनिज तत्वों के लिए समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर और कंटेनर विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य व्यापार के लिए अनुकूल परिवेश को मजबूत करना है।"

प्रधानमंत्री ने बजट में घोषित 'बायोफार्मा शक्ति मिशन' का भी उल्लेख किया जिसका उद्देश्य भारत को जैविक औषधियों और अगली पीढ़ी की उपचार प्रणालियों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। श्री मोदी ने कहा, "हम उन्नत बायोफार्मा अनुसंधान और विनिर्माण में नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहते हैं।"

प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के संदर्भ में कहा कि दुनिया विश्वसनीय और मजबूत विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है। उन्होंने हितधारकों से आत्मविश्वास के साथ निवेश करने, अत्याधुनिक तकनीक अपनाने, अनुसंधान में महत्वपूर्ण रूप से निवेश करने और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने बल देते हुए कहा, "भारत के पास अवसर है कि वह इस भूमिका को मजबूती से निभाए।"

प्रधानमंत्री ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बोलते हुए कहा कि इन समझौतों ने अवसरों के विशाल द्वार खोल दिए हैं और भारतीय उद्योग पर गुणवत्ता पर जोर देने का नया उत्तरदायित्व सौंप दिया है। उन्होंने उपयोगकर्ता के अनुकूल उत्पाद बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं और सुविधाओं का अध्ययन करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, "तभी हम मुक्त व्यापार समझौतों से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठा पाएंगे।"

प्रधानमंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि हाल ही में किए गए वर्गीकरण संबंधी सुधारों ने लघु उद्यमों के विस्तार के भय को दूर कर दिया है। सरकार ऋण उपलब्धता और आधुनिक प्रौद्योगिकी हासिल करने की व्यवस्था को सुगम बनाना जारी रखे हुए है। लेकिन, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वास्तविक प्रभाव एमएसएमई के वैश्विक प्रतिस्पर्धा में प्रवेश करने पर निर्भर करता है। श्री मोदी ने कहा, "एमएसएमई के लिए अब अपनी उत्पादकता को और बढ़ाने, गुणवत्ता मानकों को ऊंचा करने और डिजिटल प्रक्रियाओं तथा मजबूत मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने का समय है।"

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे और संचालन तंत्र की पहचान राष्ट्रीय विकास रणनीति के मुख्य स्तंभों के रूप में की जिन्हें इस वर्ष के बजट में रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कुशलता के लिए आवश्यक कदमों के रूप में हाई-स्पीड रेल, बहुविध संपर्क और जहाज मरम्मत सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने श्रोताओं को याद दिलाया, "इस बुनियादी ढांचे का वास्तविक लाभ तभी प्राप्त होगा जब उद्योग और निवेशक अपनी रणनीतियों को तदनुसार उसके अनुरूप निर्धारित करेंगे।"

प्रधानमंत्री ने शहरीकरण के विषय पर कहा कि भारत का भविष्य का विकास उसके शहरों की प्रभावी योजना और प्रबंधन से जुड़ा है। उन्होंने सुझाव मांगे कि द्वितीय और तृतीय स्तर के शहर किस प्रकार विकास के नए सूत्रधार बन सकते हैं। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि इस संबंध में दिए गए सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।

प्रधानमंत्री ने सतत विकास की दिशा में वैश्विक बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि बाजार अब लागत के अलावा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने 'कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज मिशन' को एक महत्वपूर्ण कदम बताया और व्यवसायों से स्वच्छ प्रौद्योगिकी को अपनी मुख्य व्यावसायिक रणनीतियों में शामिल करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "जो उद्योग समय रहते स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश करेंगे उन्हें आने वाले वर्षों में नए बाजारों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।"

प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए "सामूहिक भागीदारी" का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे चर्चा से आगे बढ़कर सरकार के ढांचे के साथ साझेदारी में गति उत्पन्न करें। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, "आपके प्रत्येक सुझाव और प्रत्येक अनुभव में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट परिणाम लाने की क्षमता है।"

Addressing a post-budget webinar, highlighting how this year's Union Budget reinforces our commitment to sustaining and strengthening economic growth. https://t.co/ddRJ2gS9vq

- Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026

हमारी दिशा स्पष्ट है... हमारा संकल्प स्पष्ट है...

Build more, produce more, connect more...Export more: PM @narendramodi

- PMO India (@PMOIndia) March 3, 2026

आज दुनिया विश्वसनीय और resilient manufacturing partners की तलाश में है।

भारत के पास यह अवसर है कि वह इस भूमिका को मजबूती से निभाए: PM @narendramodi

- PMO India (@PMOIndia) March 3, 2026

भारत ने बहुत सारे देशों के साथ Free Trade Agreement किए हैं।

हमारे लिए अवसरों का बहुत बड़ा द्वार खुला है।

ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम quality पर कभी भी समझौता न करें: PM @narendramodi

- PMO India (@PMOIndia) March 3, 2026

इस दिशा में Carbon Capture, Utilisation and Storage Mission एक महत्वपूर्ण पहल है।

अब sustainability को आपको core business strategy का हिस्सा बनाना ही होगा।

जो उद्योग समय रहते clean technology में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बना पाएंगे: PM

- PMO India (@PMOIndia) March 3, 2026

आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन चल रहा है।

बाजार अब केवल लागत नहीं देखते, वे sustainability भी देखते हैं: PM @narendramodi

- PMO India (@PMOIndia) March 3, 2026

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पीके/केसी/केके/एसके


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