08/31/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/30/2026 22:47
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लॉगिन करेंआने वाले समय में डॉक्टर बनने के लिए सिर्फ किताबें पढ़ना और अस्पताल में मरीज देखना ही काफी नहीं होगा। सरकार मेडिकल छात्रों को एआई, वर्चुअल पेशेंट, डिजिटल सिमुलेशन और रोबोट आधारित प्रशिक्षण के जरिये प्रशिक्षित करने की भी तैयारी कर रही है। ये बदलाव अंडर ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट दोनों में हो सकता है।
वर्चुअल पेशेंट से पहचानेंगे बीमारी
मेडिकल छात्र वर्चुअल पेशेंट के साथ बातचीत और बीमारी पहचानने का अभ्यास कर सकता है। इसके बाद एआई यह बता सकता है कि छात्र ने कौन-सा जरूरी सवाल नहीं पूछा, बीमारी पहचानने में कहां गलती की या किस हिस्से में उसे और अभ्यास की जरूरत है।