02/26/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/26/2026 11:33
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क्रम संख्या |
सहमति पत्र/समझौते का शीर्षक |
विवरण |
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1 |
भू-सर्वेक्षण और खोज के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन |
इस समझौते के तहत आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मिनरल एक्सप्लोरेशन में भारत-इजरायल सहयोग बढ़ेगा, इसमें डेटा साझा करने, निवेश और संसाधनों के सही विकास पर जोर दिया जाएगा। |
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2 |
राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) के विकास हेतु सहयोग |
यह समझौता प्रदर्शनियों, शोध और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के जरिए दोनों देशों की साझा समुद्री विरासत को बढ़ावा देगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोथल (गुजरात) में बन रहे समुद्री परिसर को विकसित करना और लोगों को इतिहास से जोड़ना है। |
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3 |
वर्ष 2026-2029 की अवधि के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम |
यह कार्यक्रम संगीत, नाटक, कला और नृत्य के क्षेत्र में त्योहारों और कार्यशालाओं के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा। इसके तहत कलाकारों और विशेषज्ञों के दौरों से आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा। |
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4 |
यूपीआई के कार्यान्वयन पर एनपीसीआई इंटरनेशनल (एनआईपीएल) और एमएएसएवी, इज़राइल के बीच समझौता ज्ञापन |
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के माध्यम से भारत और इजराइल के बीच क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस को सक्षम बनाना है। |
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5 |
कृषि के लिए भारत-इजराइल नवाचार केंद्र (आईआईएनसीए) की स्थापना हेतु आईसीएआर और माशाव के बीच समझौता ज्ञापन |
यह समझौता ज्ञापन, अगली पीढ़ी की कृषि प्रौद्योगिकियों-जैसे कि खेती की टेक्नोलॉजी, उपग्रह-आधारित सिंचाई, एडवांस्ड मशीनरी और इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट-को विकसित करने के साथ-साथ जर्मप्लाज्म एक्सचेंज, डेमोंस्ट्रेशन, कटाई के बाद के समाधानों और क्षमता निर्माण में सहायता प्रदान करने के लिए आईसीएआर में एक संयुक्त नवाचार केंद्र स्थापित करता है। |
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6 |
होराइजन स्कैनिंग के क्षेत्र में सहयोग के अभिप्राय की घोषणा |
यह घोषणा पत्र (डीओआई) भारत और इजराइल के बीच आधुनिक होराइजन स्कैनिंग (भविष्य की तकनीक को पहचानने) में साथ काम करने का एक संकल्प है। इसका मकसद मिलकर रिसर्च करना, ट्रेनिंग देना और एआई टूल्स का इस्तेमाल करके भविष्य की चुनौतियों, खतरों और नई तकनीकों की बेहतर योजना बनाना है। |
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7 |
मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन |
यह समझौता, मछली पालन और जलकृषि के क्षेत्र में भारत और इजराइल के बीच सहयोग को बढ़ाता है। इसमें आधुनिक सिस्टम, बीमारियों के प्रबंधन, मैरीकल्चर और सीवीड जैसी नई तकनीकों पर जोर दिया गया है। इसे रिसर्च, व्यापार, ट्रेनिंग और एक्सीलेंस सेंटर बनाकर पूरा किया जाएगा। |
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8 |
इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (आईएफएससीए) और इज़राइल सिक्योरिटीज अथॉरिटी (आईएसए) के बीच आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन |
दोनों संस्थाओं का लक्ष्य वित्तीय सेवाओं में एक-दूसरे का साथ देना है। इसके लिए वे जानकारी साझा करेंगे, काम करने के सबसे अच्छे तरीके सीखेंगे और फिनटेक व रेगुलेटरी तकनीक में मिलकर काम करेंगे। साथ ही, वे इस क्षेत्र में होने वाले नए बदलावों की जानकारी भी बांटेंगे ताकि नई खोजों को बढ़ावा देने वाला एक बेहतर माहौल तैयार हो सके। |
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9 |
वाणिज्य और सेवा क्षेत्र में लेबर मोबिलिटी के कार्यान्वयन पर प्रोटोकॉल |
यह प्रोटोकॉल (नियम) भारतीय श्रमिकों के लिए इजराइल में नौकरी पाने का एक सुरक्षित रास्ता खोलता है। इसके तहत रिटेल, क्लीनिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग, होटल इंडस्ट्री (हॉस्पिटैलिटी) और रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने के अवसर मिलेंगे। |
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10 |
विनिर्माण क्षेत्र में लेबर मोबिलिटी के कार्यान्वयन पर प्रोटोकॉल |
इसके तहत अलग-अलग तरह की फैक्ट्रियों (विनिर्माण उद्योगों) में भर्ती की जाएगी, जिनमें कपड़ा, धातु, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, लकड़ी और कागज, प्लास्टिक, रबर और अन्य औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। |
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11 |
रेस्तरां क्षेत्र में लेबर मोबिलिटी के कार्यान्वयन पर प्रोटोकॉल |
इसके तहत रेस्तरां, कैफे और खाने-पीने की चीजें तैयार करने और बेचने वाले अन्य व्यवसायों में भर्ती की जाएगी। |
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12 |
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने में सहयोग पर समझौता ज्ञापन |
यह सहयोग मानव को केंद्र में रखने वाली एआई-आधारित शिक्षा विकसित करने पर केंद्रित है। इसमें पढ़ाने के नए तरीके, शिक्षकों का विकास, एआई के नियम, सभी तक एआई की समान पहुँच और साझा रिसर्च शामिल हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को डेटा और एआई की जानकारी देकर भविष्य के लिए एक समावेशी शिक्षा प्रणाली तैयार करना है। |
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इजराइली इंस्टीट्यूट ऑफ कमर्शियल आर्बिट्रेशन (आईआईसीए) और इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन (आईसीए) के बीच सहयोग पर समझौता |
यह समझौता आर्बिट्रेशन और मीडिएशन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देता है। इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के साथ जानकारी और काम करने के बेहतरीन तरीके साझा करेंगे और मिलकर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएंगे ताकि दोनों देशों में विशेषज्ञों की एक्सपर्टीज को और मजबूत किया जा सके। |
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चौथे भारत-इज़राइल सीईओ फोरम की रिपोर्ट की प्रस्तुति |
चौथा सीईओ फोरम नवंबर 2025 में इजराइल में आयोजित किया गया था और इसकी एक संयुक्त रिपोर्ट दोनों देशों की सरकारों को सौंपी गई। यह रिपोर्ट सुझाव देती है कि सरकारी नीतियों को उद्योगों के नए रुझानों के साथ कैसे जोड़ा जाए। साथ ही, यह सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल बढ़ाने और आर्थिक फैसले लेने में मदद करने के लिए जरूरी सलाह देती है। |
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15 |
नालंदा विश्वविद्यालय और यरुशलम के हिब्रू विश्वविद्यालय (एचयूजेआई) के बीच समझौता ज्ञापन |
यह समझौता ज्ञापन दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षकों और छात्रों के आदान-प्रदान के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है। इसके तहत बौद्ध अध्ययन, पुरातत्व, गणित और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे विभिन्न विषयों में साथ मिलकर काम किया जाएगा। |
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भारत में भारत-इजराइल साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर आशय पत्र |
यह आशय पत्र भारत में एक संयुक्त साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए है। यह केंद्र साइबर सुरक्षा के बेहतरीन तरीकों, नई तकनीकों और डिजिटल सुरक्षा की मजबूती का प्रदर्शन करेगा। साथ ही, यह सरकार, इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाकर मिलकर काम करने का एक मंच बनेगा। |
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17 |
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में सहयोग पर समझौता ज्ञापन |
यह समझौता ज्ञापन एआई के विकास और इसे इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ाने पर जोर देता है। यह एथिकल एआई, नागरिक क्षेत्रों में इसके उपयोग, अकादमिक रिसर्च और सरकारी-निजी भागीदारी को बढ़ावा देता है, ताकि भविष्य में सतत और स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सके। |
मुख्य घोषणाएँ
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पीके/केसी/डीवी