03/11/2026 | Press release | Distributed by Public on 03/11/2026 06:22
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों में सरकारी कर्मचारियों के दक्षता उन्नयन की आवश्यकता को समझते हुए, एआई में सिविल सेवाओं की क्षमता निर्माण और इस क्षेत्र में कौशल और ज्ञान के साथ सार्वजनिक कार्यबल को सशक्त बनाने को उच्च प्राथमिकता दी गई है।
वर्तमान में, आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर भारत सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के साथ-साथ 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के 1.5 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों पर 105 पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को आवश्यक डिजिटल ज्ञान और कौशल से लैस करना है। ये पाठ्यक्रम शिक्षा और कौशल विकास, कार्यालय उत्पादकता, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, एआई सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर केंद्रित हैं।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 ("अधिनियम") और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 ("नियम") 13 नवंबर, 2025 को अधिसूचित किए गए थे। ये सुनिश्चित करते हैं कि व्यक्तिगत डेटा का प्रसंस्करण वैध उद्देश्य के लिए और व्यक्ति की स्वतंत्र, विशिष्ट, सूचित, बिना शर्त और स्पष्ट सहमति से किया जाए। नियमों के अनुसार, डेटा फिड्यूशरीज़ को डेटा की सुरक्षा और उल्लंघन को रोकने के लिए एन्क्रिप्शन या मास्किंग जैसे उचित सुरक्षा उपायों को लागू करना आवश्यक है। अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक महत्वपूर्ण डेटा फिड्यूशरी को इसके प्रावधानों के अनुपालन का आकलन करने के लिए एक स्वतंत्र डेटा ऑडिटर नियुक्त करना अनिवार्य है।
यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/पीएस