02/12/2026 | Press release | Distributed by Public on 02/12/2026 03:53
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 से सूचना का अधिकार )आरटीआई)अनुरोधों के निपटान का समग्र रुझान निम्नानुसार है:
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आरटीआई अनुरोधों का निपटान |
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वर्ष |
उत्तर दिया गया |
अस्वीकृत |
स्थानांतरित |
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2021-22 |
11,31,757 |
53,733 |
2,04,607 |
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2022-23 |
13,15,222 |
52,662 |
2,13,162 |
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2023-24 |
14,30,031 |
67,615 |
2,37,671 |
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2024-25 |
13,80,509 |
58,501 |
2,80,353 |
केंद्रीय सूचना आयोग ने सूचित किया है कि आंशिक रूप से उत्तरित आवेदनों और अनसुलझे मामलों से संबंधित डेटा एकत्र/संकलित नहीं किया जाता है। इसके अलावा, सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 की विभिन्न धाराओं में निर्धारित आधारों पर, जिनमें 'व्यक्तिगत जानकारी' (अधिनियम की धारा 8(1)(जे)) का आधार भी शामिल है, आवेदक को सूचना देने से इनकार किया जा सकता है।
सार्वजनिक प्राधिकरणों के अनुसार अस्वीकृत आरटीआई अनुरोधों से संबंधित आंकड़े केंद्रीय सूचना आयोग की वार्षिक रिपोर्ट के अनुलग्नक-1 में उपलब्ध हैं, जिसे यूआरएल - https://cic.gov.in/circular-reports-conventions पर देखा जा सकता है । विभिन्न सार्वजनिक प्राधिकरणों जैसे मंत्रालयों, विभागों, संबद्ध कार्यालयों, अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त निकायों आदि के संबंध में आरटीआई आवेदनों की अस्वीकृति का प्रतिशत वर्ष 2013-14 में 7.21 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024-25 में 3.26 प्रतिशत हो गया है।
1 फरवरी, 2026 तक केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष लंबित द्वितीय अपीलों और शिकायतों की संख्या क्रमशः 29034 और 3577 है। केंद्रीय सूचना आयोग ने सूचित किया है कि द्वितीय अपीलों/शिकायतों के निपटान में लगने वाले औसत समय का डेटा नहीं रखा जाता है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एचएन/ओपी