Amar Ujala Ltd

08/09/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/08/2026 19:24

लापरवाही या साजिश: दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने तीन बार दी पद खत्म होने की सूचना, फिर भी करा दी परीक्षा

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लापरवाही या साजिश: दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने तीन बार दी पद खत्म होने की सूचना, फिर भी करा दी परीक्षा

Sun, 09 Aug 2026 06:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, दिल्ली
धनंजय मिश्रा, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 09 Aug 2026 06:36 AM IST
सार

संबंधित विभाग ने जिन पदों को खत्म कर दिया था, उनकी भर्ती मांग वापस लेने की सूचना दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को तीन बार दी। इसके बावजूद बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया जारी रखी और करीब 19,900 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा करा दी

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सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दिल्ली में सरकारी भर्ती व्यवस्था में लापरवाही का मामला सामने आया है। संबंधित विभाग ने जिन पदों को खत्म कर दिया था, उनकी भर्ती मांग वापस लेने की सूचना दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को तीन बार दी। इसके बावजूद बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया जारी रखी और करीब 19,900 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा करा दी। इस पूरी प्रक्रिया पर सरकारी खजाने से 1.05 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक चूक बताया गया है।

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मामला दिल्ली जल बोर्ड में कनिष्ठ अभियंता के पदों पर भर्ती से जुड़ा है। जल बोर्ड ने 18 सितंबर 2019 को इन पदों पर भर्ती के लिए डीएसएसएसबी को मांग भेजी थी। बाद में प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान जल बोर्ड ने 22 नवंबर 2021 को इन पदों को समाप्त कर दिया। पद खत्म होने के बाद जल बोर्ड ने डीएसएसएसबी को भर्ती मांग वापस लेने और प्रक्रिया रोकने की सूचना दी। इसके बाद 27 दिसंबर 2021 और 10 जनवरी 2022 को बोर्ड को दो रिमाइंडर भी भेजे गए।
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दोनों पत्रों में भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाने की बात स्पष्ट रूप से कही गई थी। इसके बावजूद डीएसएसएसबी ने 7 फरवरी 2022 को इन पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया। यानी विज्ञापन जारी होने से पहले ही बोर्ड को पद समाप्त होने और भर्ती मांग वापस लिए जाने की जानकारी मिल चुकी थी। जल बोर्ड ने विज्ञापन जारी होने के अगले दिन 8 फरवरी 2022 को फिर डीएसएसएसबी को पत्र भेजा। इसमें भर्ती प्रक्रिया रोकने की मांग दोहराई गई। इसके बावजूद परीक्षा की तैयारी जारी रही और 21 मार्च 2022 को लिखित परीक्षा करा दी गई।
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सीएजी के अनुसार, परीक्षा में करीब 19,900 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा आयोजित कराने पर कुल 1,05,31,677 रुपये का भुगतान किया गया। इसमें परीक्षा संचालन और कोविड-19 सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े खर्च शामिल थे। परीक्षा संचालन के लिए प्रति अभ्यर्थी 381 रुपये और उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान था। वहीं कोविड-19 सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रति अभ्यर्थी 90 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी निर्धारित किया गया था। परीक्षा एजेंसी की ओर से तय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने पर 25 प्रतिशत की पेनल्टी भी लगाई गई।

परीक्षा का भुगतान बाद में 7 नवंबर 2022 और 10 फरवरी 2023 को किया गया। सीएजी ने इस मामले में भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभागों के बीच समन्वय और रिकॉर्ड की निगरानी पर सवाल उठाए हैं। पद समाप्त होने की सूचना समय रहते मिलने के बावजूद परीक्षा कराए जाने से सरकारी धन के साथ अभ्यर्थियों के समय और मेहनत का भी नुकसान हुआ।

19,900 युवाओं की मेहनत भी हुई बेकार
करीब 19,900 अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया, तैयारी की और परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा दी। लेकिन जिस समय परीक्षा हुई, तब संबंधित पद पहले ही समाप्त किए जा चुके थे। अभ्यर्थियों ने परीक्षा शुल्क के अलावा तैयारी और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में समय और धन खर्च किया। भर्ती प्रक्रिया रोकने की जानकारी पहले से उपलब्ध होने के बावजूद परीक्षा कराए जाने से उनकी पूरी कवायद बेनतीजा रही।
Amar Ujala Ltd published this content on August 09, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 09, 2026 at 01:24 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]