07/22/2026 | Press release | Distributed by Public on 07/22/2026 06:18
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (एनडीएमपी) पहली बार 2016 में तैयार और जारी की गई थी। सभी संबंधित हितधारकों से परामर्श के बाद 2019 में इस योजना में संशोधन किया गया। संशोधित एनडीएमपी केन्द्र और राज्य स्तर के सभी सेक्टरों, मंत्रालयों एवं विभागों के साथ-साथ जिला स्तर के अधिकारियों को एक साथ लाता है तथा आपदा से जुड़े जोखिम को कम करने में उनकी भूमिकाओं तथा जिम्मेदारियों को निर्धारित करता है।
एनडीएमपी के निम्नलिखित मुख्य स्तंभ हैं:
आपदा जोखिम न्यूनीकरण को मुख्यधारा में लाना एनडीएमपी की एक अहम विशेषता है।
भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (आईडीआरएन) संसाधनों का एक देशव्यापी इलेक्ट्रॉनिक भंडार (इलेक्ट्रॉनिक इन्वेंट्री) है। इसमें जिलों, राज्यों और राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों से जुटाए गए उपकरणों तथा मानव संसाधनों की जानकारी शामिल होती है। आईडीआरएन एक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में आवश्यक उपकरणों, कुशल मानव संसाधनों और अहम सामानों के भंडार (इन्वेंट्री) को प्रबंधित करने के लिए किया जाता है।
आईडीआरएन पोर्टल का मुख्य उद्देश्य निर्णय लेने वालों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक उपकरणों और मानव संसाधनों की उपलब्धता का पता लगाने में सक्षम बनाना है।
यह डेटाबेस उन्हें खास आपदाओं की तैयारी के स्तर और उपकरणों की उपलब्धता व उनकी लोकेशन का पता लगाने में भी मदद करता है। आपदा के समय जरूरतमंद राज्यों/केन्द्र - शासित प्रदेशों/हितधारकों द्वारा इनका आसानी से पता लगाकर उपयोग किया जा सकता है, ताकि तेजी से कार्रवाई की जा सके।
आईडीआरएन का विस्तृत विवरण https://idrn.nidm.gov.in पर उपलब्ध है।
यह जानकारी गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आर