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08/24/2026 | Press release | Distributed by Public on 08/24/2026 12:03

TCS: पोर्शे की IT कंपनी MHP खरीदेगी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, 5 साल की रणनीतिक डील भी; कितना बड़ा है यह सौदा

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TCS: पोर्शे की IT कंपनी MHP खरीदेगी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, 5 साल की रणनीतिक डील भी; कितना बड़ा है यह सौदा?

Mon, 24 Aug 2026 11:04 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 24 Aug 2026 11:04 PM IST
सार

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस ने जर्मनी की पोर्शे एजी की मैनेजमेंट और IT कंसल्टिंग कंपनी MHP को पूरी तरह खरीदने का समझौता किया है। इसके साथ पोर्शे और टीसीएस के बीच पांच साल की रणनीतिक साझेदारी भी होगी। एमएचपी के अधिग्रहण से टीसीएस की यूरोप के ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्र में पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है। लेकिन इस सौदे से टीसीएस को क्या फायदा होगा और पोर्शे के लिए AI इतना अहम क्यों है? आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...

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TCS ने पोर्शे की कौन सी कंपनी खरीदने का फैसला किया है? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस ने पोर्शे एजी की जर्मनी स्थित मैनेजमेंट और IT कंसल्टिंग कंपनी एमएचपी Management- und IT-Beratung GmbH को 100 फीसदी खरीदने का फैसला किया है। इसके साथ टीसीएस और पोर्शे के बीच पांच साल की रणनीतिक साझेदारी भी होगी। कंपनी के अनुसार, यह सौदा जरूरी नियामकीय मंजूरियों के अधीन है। दोनों कंपनियों ने अधिग्रहण की वित्तीय कीमत और पांच साल की डील की रकम का खुलासा नहीं किया है।

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एमएचपी क्या काम करती है और टीसीएस को इससे क्या फायदा होगा?

जर्मनी के लुडविग्सबर्ग में मुख्यालय वाली एमएचपी के दुनियाभर में करीब 4,500 कर्मचारी हैं। कंपनी मैनेजमेंट और IT कंसल्टिंग के क्षेत्र में काम करती है। इसकी विशेषज्ञता कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI, बिजनेस बदलाव, SAP, मैन्युफैक्चरिंग के डिजिटलीकरण और कनेक्टेड मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में है। टीसीएस के मुताबिक, एमएचपी के अधिग्रहण से जर्मनी में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी और यूरोप के ऑटोमोबाइल तथा औद्योगिक ग्राहकों तक पहुंच बढ़ेगी।

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सौदे में क्या-क्या है?

  • एमएचपी का अधिग्रहण... करीब €320 मिलियन।
  • हिस्सेदारी... टीसीएस एमएचपी की 100% हिस्सेदारी खरीदेगी।
  • पांच साल की डील... करीब €1.25 बिलियन।
  • मुख्य फोकस... एआई, ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन।
  • एआई सेंटर... पोर्शे के लिए टीसीएस अलग एआई मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस।
  • एमएचपी के कर्मचारी... 4500 से ज्यादा।
  • सौदा पूरा होने का अनुमान... नियामकीय मंजूरियों के बाद करीब 3-4 महीने।

पोर्शे के लिए टीसीएस क्या काम करेगी?

इस रणनीतिक साझेदारी के तहत टीसीएस, पोर्शे के लिए एक अलग AI मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसका काम पोर्शे के विनिर्माण, इंजीनियरिंग, संचालन और ग्राहक अनुभव में AI के इस्तेमाल को बढ़ाना होगा। सेंटर AI से जुड़े प्रयोगों को सुरक्षित और बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने वाले समाधान में बदलेगा। दोनों कंपनियों का लक्ष्य पोर्शे के उत्पादों और पूरी कारोबारी मूल्य श्रृंखला में AI तकनीक को शामिल करना है।

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पोर्शे ने एमएचपी को टीसीएस को बेचने का फैसला क्यों किया?

पोर्शे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल लाइटर्स के अनुसार, एमएचपी को टीसीएस को सौंपना कंपनी की अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। इसके बाद टीसीएस पोर्शे की रणनीतिक साझेदार बनेगी। दोनों कंपनियां ऑटोमोबाइल विशेषज्ञता और डिजिटल तकनीक तथा AI की क्षमता को मिलाकर दक्षता बढ़ाने और बदलती ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने पर काम करेंगी।

टीसीएस के लिए यह सौदा कितना बड़ा है?

टीसीएस के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का समेकित राजस्व 30 अरब डॉलर से अधिक था और वह 55 देशों में काम करती है। एमएचपी के अधिग्रहण से कंपनी की जर्मनी और यूरोप के ऑटोमोबाइल बाजार में पकड़ मजबूत करने की कोशिश साफ दिखाई देती है। पांच साल की रणनीतिक साझेदारी से टीसीएस को पोर्शे के साथ लंबे समय तक AI आधारित बदलावों पर काम करने का अवसर मिलेगा। हालांकि सौदा अभी नियामकीय मंजूरियों के अधीन है।

Amar Ujala Ltd published this content on August 24, 2026, and is solely responsible for the information contained herein. Distributed via Public Technologies (PUBT), unedited and unaltered, on August 24, 2026 at 18:04 UTC. If you believe the information included in the content is inaccurate or outdated and requires editing or removal, please contact us at [email protected]