09/05/2026 | Press release | Distributed by Public on 09/05/2026 08:22
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लॉगिन करेंवैश्विक ऑटो सेक्टर में मंदी के बीच, टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लक्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) ने एक बड़ा फैसला लिया है। ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ब्रिटेन में अगले दो साल में करीब 4,000 नौकरियों की कटौती करने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार जेएलआर का यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए आयात शुल्कों (टैरिफ), घटती बिक्री और बढ़ती उत्पादन लागत का नतीजा है।
ब्रिटिश मीडिया के अनुसार, जेएलआर पर इस समय लागत कम करने का भारी दबाव है। दरअसल, जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है:
इसी वित्तीय संकट से निपटने के लिए कंपनी ने अगले दो वर्षों में1.7 अरब पाउंड की बचत करने और अपने ब्रेक-इवन प्वाइंट (नुकसान रहित स्तर) को घटाकर 3 लाख वाहनों पर लाने का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत अधिकारियों और प्रबंधन वर्ग (मैनेजमेंट) के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वॉलंटरी रिडंडेंसी) कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
हां, इस संकट का एक बड़ा कारण अमेरिका की नई व्यापार नीतियां हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्रिटेन से आयात की जाने वाली कारों पर 10% का टैरिफ लगाने के फैसले ने जेएलआर की वित्तीय स्थिति बिगाड़ दी है।
ब्रिटेन में इस छंटनी के बड़े सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देखने को मिलेंगे:
नहीं, यह मंदी पूरे यूरोपीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को प्रभावित कर रही है।
वैश्विक ऑटो बाजार इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इस हालात में जेएलआर अपनी दक्षता बढ़ाने और 1.7 अरब पाउंड बचाने की कोशिश में है, वहीं यह देखना होगा कि पीबी बालाजी का छंटनी से जुड़ा वित्तीय अनुशासन टाटा की इस महत्वपूर्ण इकाई को संकट से बाहर ला पाता है या नहीं।